जलेसर। देश की सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ते हुए शहीद हुए राजेश कुमार यादव के घर शांति पाठ का आयोजन किया गया। जिसमें शहीद की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। रिश्तेदारों के साथ साथ क्षेत्र के लोगों का शहीद के घर पहुंच परिजनों को शोक संवेदना व्यक्त की।
जलेसर के गांव नगला केला रेजुआ निवासी नेमसिंह का इकलौता बेटा शहीद हो गया है। जिसकी आत्मा की शांति के लिए रविवार को घर पर शांति पाठ का आयोजन किया गया। पीड़ित परिवार ने शांति पाठ के बाद हुए हवन यज्ञ में आहुति देते हुए शहीद बेटे की आत्मा की शांति की ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान राजवीर सिंह, भूरी सिंह, जुगेंद्रपाल सिंह, मुकेश कुमार, गुलफाम सिंह, रामव्रेस, महेश चंद्र, राजेंद्र सिंह, चुन्नीलाल, अंकुश कुमार, रोहित कुमार, प्रकाश चंद्र, निरंजन सिंह, प्रशान्त यादव, वीकेंद्र सिंह, सुमित कुमार, सेकी यादव, रामलाल यादव, रामलक्ष्मण यादव, सतेंद्र पाल सिंह आदि मोजूद रहे।
जमीन के नहीं मिले कागज
शहीद राजेश के पिता नेमसिंह ने बताया कि शुक्रवार को जिला प्रशासन ने शहीद बेटे को श्रद्धांजलि तो दी। लेकिन शहीद स्थल के लिये चिह्नित भूमि के दूसरे दिन तक कोई कागज उपलब्ध नहीं कराए गए है। इससे परिवार के लोगों में आक्रोश है। परिजनों को चिंता है कि कहीं बेटे के अंतिम संस्कार के बाद जिला प्रशासन की ओर से किए गए वादे हवा हवाई न हो जाएं।
पत्नी और मां का रो रोकर बुरा हाल
रविवार सुबह से ही नगला केला में शहीद राजेश के घर शोक संवेदना व्यक्त करने वाले लोगों का आने का सिलसिला शुरू हुआ। जो शाम तक जारी रहा। शहीद की अंत्येष्टि के दूसरे दिन भी गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने घरों में चूल्हे तक नहीं सुलगाए। शहीद राजेश को याद कर लोगों में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा देखने को मिला। कर कोई पाकिस्तान को कोस रहा था।
राजेश की पत्नी रीना और मां की तो रोते हुए कई बार तबियत भी खराब हो गई। दोनों बहन भाई की याद में बिलख बिलख कर रो रही है। हालांकि सगे संबंधी पीड़ित परिवार को संभालने का काम कर रहे हैं। जवान बेटे के चले जाने से परिवार के किसी भी सदस्य ने पूरे दिन रोटी का निवाला तक नहीं खाया।