मैनपुरी। दूसरों को जीवनदान देने वालीं जिला अस्पताल की नर्सेज और एएनएम को अपने ही जीवन को लेकर खतरा है। वे जिन आवासों में रह रही हैं, वे आवास अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। उनकी छतों से प्लास्टर गिर रहा है। विभाग मरम्मत को लेकर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे कभी भी हादसा होने का संकट बढ़ गया है।
जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल की एएनएम और स्टाफ नर्स कर्मचारियों के साथ जिस हॉस्टल में रह रही हैं, वह हॉस्टल मरम्मत न होने से जर्जर हो रहा है। जर्जर कमरों की छतों से प्लास्टर गिर रहा है। कमरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। इसके अतिरिक्त परिसर में सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इससे हास्टल के पास झाड़ियां खड़ी हुई हैं। जो मच्छरों को बढ़ावा दे रही हैं। हास्टल में निवास करने वाली मनोरमा देवी का कहना था कि कई बार इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। माधुरी यादव का कहना था कि जर्जर भवनों में यदि हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा।
गीता देवी ने कहा कि कमरों की छतों से बरसात में पानी टपकता है। इसके चलते बरसात में यह रहना भी मुश्किल हो जाता है। विभाग से कई बार मरम्मत की मांग की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। सीएमएस डॉ. आरके सागर ने बताया कि मरम्मत के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही भवन की मरम्मत कराई जाएगी। अभी खतरे जैसी कोई बात नहीं है।