सेना अध्यक्ष विपिन रावत परिचय लेते हुए
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मथुरा। सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने सेना के प्रशिक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ट्रेनिंग के दौरान जवानों को युद्ध जीतने के जज्बे पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभ्याय के दौरान मानसिक गतिशीलता को बनाए रखें। सेनाध्यक्ष ने रविवार को वन कोर के मुख्यालय का दौरा किया। अफसरों के साथ मुलाकात की गई।
रविवार को वन कोर के मुख्यालय पर पहुंचे सेनाध्यक्ष बिपिन रावत का स्वागत लेफ्टिनेंट जनरल चेरीश मैथसन जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ दक्षिणी पश्चिमी कमान और लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह जनरल आफिसर कमांडिंग वन कोर ने किया। लेफ्टिनेंट जनरल तरनजीत सिंह ने सेनाध्यक्ष को कोर क्षेत्र मे चल रही सभी तैयारियों और प्रशिक्षण गतिविधियों पर सेना प्रमुख को पूरी जानकारी दी।
सेना प्रमुख ने परिचालन तैयारी और कोर के प्रशिक्षण के सुधार व सैनिकों के साथ साथ उनके परिवारों के रहन सहन की और सैनिकों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। सेना प्रमुख ने वन कोर में किए जा सुधार के प्रयासों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने युद्ध को ध्यान में रखते हुए किए जाने वाले प्रशिक्षण पर और अधिक ध्यान देने पर बल दिया।
कहा कि अभ्यास के दौरान मानसिक गतिशीलता को बनाए रखें और हर हाल में युद्ध जीतने के जज्बे को अपने ध्यान में रखें। उन्होंने वन कोर के सभी अधिकारियों और सभी फॉर्मेशन कमांडरों से भी बातचीत की। मुख्यालय वन कोर के पुरालेख संग्रहालय द हेरीटेज को भी देखा। सेनाध्यक्ष के साथ उनकी पत्नी मधुलिका रावत आवा अध्यक्षा भी थीं।
क्षेत्रीय आवा मंडल अध्यक्षा हरकीरत कौर ने उन्हें सैनिकों की पत्नियों के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने सैनिकों की पत्नियों से बातचीत कर हाल जाना। आवा अध्यक्षा ने आशा स्कूल का निरीक्षण किया और बच्चों और कर्मचारियों से बातचीत की।