जिले में गेहूं खरीद में केंद्र प्रभारियों की अनियमितताएं कम होने का नाम नहीं ले रही। लगातार ही अनियमितताओं, किसानों से अवैध वसूली आदि के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे ही आरोपों के चलते दो केंद्र प्रभारियों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि 4 केंद्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए हैं। इसके अलावा 11 केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी गई है।
जिले में गेहूं की इस बार रिकार्ड खरीद हुई है, लेकिन इस खरीद में केद्र प्रभारियों ने काफी मनमानी की है। कई केंद्रों पर केंद्र प्रभारियों ने किसानों को लाभ न देकर बिचौलियों को फायदा पहुंचाया है। किसानों से अवैध वसूली भी लगातार हो रही है। खरीद में केंद्र प्रभारी मानकों को भी ताक पर रख रहे हैं। यूपी एग्रो के गल्ला मंडी परिसर में संचालित गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी सतीश कुमार का किसान से धन मांगने का ऑडियो वायरल हो गया था। आडियो वायरल होने पर डीएम ने संस्था के प्रबंध निदेशक को केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति भेजी गई। संस्था के प्रबंध निदेशक ने उनको निलंबित कर दिया है।
पीसीएफ के नगला सहजन के केंद्र प्रभारी वीरपाल सरकारी बोरों के बेच देने, गेहूं खरीद के समय किसानों से खसरा खतौनी, अभिलेख रजिस्टर उपलब्ध न कराने, सहित अन्य अनियमिताओं के दोषी पाए गए। डीएम की संस्तुति पर पीसीएफ के प्रबंध निदेशक ने उनको निलंबित कर दिया है। इसके अलावा सोरों , गल्ला मंडी एवं अमापुर के 4 केंद्र प्रभारियों को किसानों को समय से भुगतान न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि 11 केंद्र प्रभारियों को मानक से अधिक गेहूं खरीदने पर चेतावनी दी गई है। कार्य में लापरवाही आदि को दोषी पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गेहूं खरीद के लिए शासन से ऑन लाइन फीडिंग को ही वास्तविक खरीद मानने के निर्देश हैं। अनियमितताओं आदि के दोषी दो केंद्र प्रभारी निलंबित किए गए हैं। जबकि 4 से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही 11 केंद्र प्रभारियों को चेतावनी भी दी गई है।
विजय कुमार शुक्ला खाद्य एवं विपणन अधिकारी