26 जनवरी को शहर में हुई हिंसा और हत्या के मामले को लेकर जांच पड़ताल का काम जारी है। तिरंगा यात्रा के दौरान तमाम बाइक विवाद होने पर युवक छोड़कर भाग गए थे। अब ये बाइक कोर्ट के माध्यम से रिलीज होंगी। पुलिस अधीक्षक पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि केवल वह बाइक ही छोड़ी जाएंगी जो घटना से संबंधित नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने विडियो फुटेज व अन्य माध्यमों से चिह्नित हुए हिंसा के आरोपियों की गिरफ्तारी करने के भी निर्देश दिए। अब तक हुईं जांच पड़ताल की पुलिस अधीक्षक ने सिलसिलेवार समीक्षा की।
गौरतलब है कि 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा को लेकर हुई हत्या और पनपे हिंसा के हालातों के मामले की पूरी जांच पड़ताल एसआईटी टीम के द्वारा की जा रही है। एटा के अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह इसके जांच अधिकारी हैं। समीक्षा बैठक में जांच अधिकारी एवं सभी मामलों के विवेचक मौजूद रहे। अब तक विवेचना की प्रगति की पूरी समीक्षा की गई। वायरल विडियो के माध्यम से कौन-कौन अपराधी चिह्नित हुए हैं, कितने आरोपियों की शिनाख्त हो चुकी है, वहीं मोबाइल कॉल के आधार पर हिंसा में किसकी कितनी भूमिका रही है। इन सभी बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल की गई। चिह्नित अपराधियों की गिरफ्तारी की रणनीति बनाई गई। अकरम पर हमले की विडियो को भी पुलिस ने लैब से क्लीयर करा लिया है। इन आरोपियों की शिनाख्त भी की जा रही है। एसआईटी जांच टीम की समीक्षा बैठक में अन्य कई अहम निर्णय लिए गए जिनकी जांच टीम ने कोई जानकारी नहीं दी।
पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि पूरी जांच पड़ताल और स्थिति की समीक्षा की गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। जो बाइक घटना से संबंधित नहीं हैं वे कोर्ट के माध्यम से रिलीज हो सकेगी।