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कासगंज में पहले भी आ चुके हैं बलि के मामले सामने

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कासगंज में पहले भी आ चुके हैं बलि के मामले सामने - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। जनपद में बलि देने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। अमांपुर के ग्राम शाहपुर में एक मासूम बालक की बलि दी गई थी। वहीं सिढ़पुरा के ग्राम चांदपुर में एक पिता ने ही अपने तीन माह के बेटे की बलि दे दी थी। सिढ़पुरा के ग्राम किलौनी में भी तीन माह पहले एक बालिका की बलि दे दी गई थी।
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मौके से क्या मिला सामान
काली मां व भगवान शंकर का चित्र, कटा हुआ नारियल, अगरबत्ती, खाली रेपर, छुरा, खून से सने कपडे़ आादि बरामद हुए है।
बलि देने से पहले की गई बालक की पूजा
कासगंज। बलि देने से पहले तांत्रिक ने बालक की पूजा की। उसके माथे पर सिंदूर से तिलक लगाया गया। इसके बाद गला रेतकर बलि दे दी गई।
2017 में बच्चों के साथ होने वाले अपराध
1 जनवरी- सोरों के नगला बहोरा से दुधमुहे को खाट से उठाकर ले गए बदमाश।
12 जनवरी- दरियावगंज से 5 वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या कर दी। उसका शव फर्रूखाबाद के कायमगंज से बरामद हुआ।
23 अप्रैल- एक बालिका के साथ दुष्कर्म किया गया।
25 मई- सहावर के तारापुर में बालक को अगवा करके हत्या कर दी,शव खेत में गाड़ दिया।
8 जून- ढोलना व अमांपुर में एक- एक बालिका के साथ दुष्कर्म हुआ।
16 जून- सोरों में बालक को अगवा करने के बाद हत्या कर दी।
27 जून- सिढ़पुरा में बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई।
14 जुलाई- पटियाली में बालक को अगवा करके कुकर्म किया गया।
31 जुलाई- सिढ़पुरा के भुजपुरा में मासूम भाई बहन की हत्या कर दी गई।
1 अगस्त- गंजडुंडवारा में अज्ञात मासूम का शव नहर से बरामद हुआ।
12 अगस्त सिढ़पुरा में बालिका से दुष्कर्म
22 अगस्त- ढोलना में सौतेली मां ने मासूम की जहर देकर हत्या कर दी।
14 सितंबर- दरियावगंज में बालक की अगवा करके हत्या।
27 सिंतबर सहावर में स्कूल जाते छात्र का अपहरण
19 दिसंबर सिढ़पुरा में बालिका की गला रेतकर हत्या
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