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थाने की दीवार पर लिखी गई विधायक-बेटे की हिस्ट्रीशीट

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दीवार पर अंकित नाम - फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। समाजवादी पार्टी के सिरसागंज विधायक हरिओम यादव और उनके पुत्र निर्वतमान जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप छोटू की हिस्ट्रीसीट संख्या थाना शिकोहाबाद की दीवार पर भी अन्य हिस्ट्रीशीटर के साथ दर्ज कर दी गई है। हिस्ट्रीसीट पर अब पिता-पुत्र के नाम ऊपर नीचे लिखे गए हैं।
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बसपा शासन में खुली सिरसागंज विधायक और उनके बेटे की हिस्ट्रीसीट को सपा सरकार में सत्ता के दबाव में नष्ट करा दिया गया था। सपा सरकार में मामला पूरी तरह ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। सत्ता परिवर्तित होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के वार्षिक निरीक्षण के दौरान एचएस हिस्ट्री नष्ट कराने का मामला प्रकाश में आया। एसएसपी ने एसपी सिटी को जांच सौंपी। जांच में मामला फंसा तो पुलिस अधीक्षक ने दोनों की हिस्ट्रीसीट खोलने के निर्देश दिए।

जुलाई में पिता-पुत्र की हिस्ट्रीसीट खोल दी गई। गुरुवार को थाना पुलिस ने शाम को सिरसागंज विधायक हरिओम यादव और उनके निर्वतमान जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव उर्फ छोटू के नाम कार्यालय में लगी एचएस की सूची में दर्ज कर दिए। खास बात यह है कि हरिओम यादव का नाम 152ए और उनके बेटे छोटू की हिस्ट्रीसीट 153 ए के नाम से दर्ज हो गए हैं। अब इस मामले में एसएसपी कभी भी आरोपियों पर एफआईआर के आदेश कर सकते हैं।
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रजौरा गांव की बर्बादी के असली खलनायक हैं विधायक
फिरोजाबाद। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजीव यादव उर्फ बाले ने आरोप लगाया है कि सपा विधायक अपराधियों के संरक्षक हैं।
उन्होंने बताया कि सपा विधायक पर हत्या, लूट, डकैती, अपहरण जैसे गंभीर आरोपों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। सपा सरकार में जुआ सट्टा, लूट, अपहरण, हत्या, जमीनों पर कब्जे, राशन डीलर, ठेकेदारों से अवैध वसूली, गुंडा टैक्स वसूली से लेकर वृंदावन के मंदिरों की संपत्ति हड़पने के लिए महात्माओं की हत्या कराने से नहीं चूके। भाजपा की योगी सरकार में उनके काले कारनामों पर अब विराम लग रहा है तो वह बौखला गए हैं।

उनका कहना है कि जिला पंचायत चुनाव के दौरान मेरे घर आकर ताऊ पर हमला किया। थाना शिकोहाबाद में मुकदमा पंजीकृत हुआ, परंतु सत्ता के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हुई। बहुचर्चित रजौरा कांड में षडंयत्र के तहत राजकुमार पप्पू प्रधान को फंसा दिया। 250 बीघा आलू की खुदाई रुकवा दी। जिसे पूर्व मंत्री के नेतृत्व में एक दिन में आलू खुदवाया गया। उच्च न्यायालय ने सीबीसीआईडी को जांच के निर्देश दिए।

सीबीसीआईडी ने सपा विधायक तथा घटना में शामिल लोगों को अभियुक्त बनाते हुए पप्पू प्रधान व परिजनों को दोषमुक्त घोषित किया। घर की लूट में 13 अभियुक्तों को जेल जाना पड़ रहा है। इससे विधायक का असली चेहरा जनता के सामने है। वह रजौरा गांव की बर्बादी के असली खलनायक सिद्ध हुए हैं।
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