आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में लंबे समय बाद बुधवार को खंदारी परिसर स्थित अतिथि गृह में कार्य परिषद की बैठक हुई। इसमें आगामी शैक्षणिक व विश्वविद्यालय से जुड़ी चीजाें पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्य परिषद ने मुहर लगा दी कि भाषा अब अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक विषय के रूप में होगी।
विश्वविद्यालय में अब तक व्यवस्था थी कि छात्र-छात्राओं को सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी और सामान्य संस्कृत में से एक विषय को अनिवार्य रूप से पढ़ना पड़ता था। इस अनिवार्यता को खत्म करके भाषा को वैकल्पिक विषय रूप में रखा गया है। परिषद ने बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम और द्वितीय वर्ष में तीन और अंतिम वर्ष में दो विषय पढ़ाए जाने पर भी मुहर लगा दी। परीक्षार्थी अब एक विषय में ही दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। शर्त यह रखी गई है कि परीक्षा के सभी विषयाें का योग 35 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए।
कुलपति की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि प्रत्येक विभाग में अलग प्लेसमेंट सेल होनी चाहिए। इस पर भी सभी सदस्याें ने स्वीकृत प्रदान कर दी। कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्लेसमेंट सेल को फर्नीचर आदि संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, मैन पावर विभाग खुद का इस्तेमाल करेगा। पर्यावरण-राष्ट्र गौरव की परीक्षा प्रथम वर्ष में कराई जाएगी। यदि इस परीक्षा में फेल हो गए तो द्वितीय वर्ष में परीक्षार्थी परीक्षा दे सकेंगे।
इन पर भी कार्य परिषद की मुहर लगी
- पर्यावरण-राष्ट्र गौरव का प्रश्नपत्र एक ही और 100 नंबर का होगा।
- शारीरिक शिक्षा को अलग विषय बनाया जाए।
- बार काउंसिल से जुड़े लोगों के प्रमाणपत्रों का निशुल्क सत्यापन।
- च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू किया जाएगा
- प्रवेश परीक्षा से एमफिल में दाखिला लेेने वालों को पीएचडी में सीधे प्रवेश।
चार्ट रूम व परीक्षा विभाग में कैमरे लगेंगे
चार्ट रूम के साथ परीक्षा विभाग में सीसीटीवी कैमरे लगेेंगे। कैमरा वाइस रिकार्डिंग वाला होगा। चार्ट रूम में हुई गड़बड़ियों पर चर्चा नहीं की गई। इसकी जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
औटा के पदाधिकारियाें ने विरोध प्रदर्शन किया (फोटो रामेश्वर)
सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी व सामान्य संस्कृत को बिना शिक्षकों के परामर्श से खत्म किए जाने की सूचना पर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष डा. वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में अतिथि गृह के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि भाषा पाठ्यक्रम से हटा दी जाएंगी तो संबंधित विषयों के शिक्षक क्या करेंगे। बाद में बताया कि भाषा पाठ्यक्रम में शामिल हैं। बस ये अब अनिवार्य नहीं होंगी।
ये प्रस्ताव टाले गए
- छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदोन्नति।
- एसोसिएट प्रोफेसर डा. देशबंधु के अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया जाना।
- खेलकूद अनुदेशक दलवीर सिंह यादव की सहायक निदेशक खेलकूद बनाने की मांग।
कोई पेपर खत्म नहीं किया जाएगा
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सौ प्रश्नपत्र आगामी सत्र में खत्म किए जाने के प्रस्ताव पर कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया। जनसंपर्क अधिकारी डा. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि कार्य परिषद की बैठक में तय किया गया है कि कुछ विषयाें का ग्रुप बनाया जाएगा। जिन पेपराें में परीक्षार्थी कम बैठते हैं, उनको ग्रुप में शामिल किया जाएगा। यह विद्यार्थियाें की इच्छा पर होगा कि वह किस पेपर को चुनते हैं।
डा. रामशंकर कठेरिया ने तीन वर्ष का अवकाश मांगा
आगरा । राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डा. रामशंकर कठेरिया ने विश्वविद्यालय में तीन वर्ष के अवकाश के लिए आवेदन किया है। आयोग के अध्यक्ष बनने के साथ ही उन्होंने प्रार्थना पत्र दे दिया। यह प्रकरण बुधवार को कार्य परिषद की बैठक में रखा जाना था पर रखा नहीं गया। डा. कठेरिया केएमआई में हिंदी विभाग में रीडर के पद पर नियुक्त हैं।