आगरा में स्वास्थ्य विभाग की जांच में 40 निजी अस्पतालों के आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टर, जीवनरक्षक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ समेत कई जरूरी मानक पूरे नहीं मिले। नोटिस जारी कर दो सप्ताह में कमियां दूर करने को कहा गया था, लेकिन करीब एक महीने बाद भी विभाग ने दोबारा जांच नहीं की है।
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स्वास्थ्य विभाग बिना मानकों के चल रहे आईसीयू वाले अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं कर रहा। इनका दोबारा से जांच कर मानकों का आकलन भी नहीं किया है। इससे गंभीर मरीजों की जान को खतरा है। विभाग के अधिकारी नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के यहां 486 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 15 टीमों ने आईसीयू के मानकों की जांच की। इनमें से 40 अस्पतालों में आईसीयू में भारी कमियां मिली। इनके संचालकों को नोटिस देकर दो सप्ताह में मानक पूरे करते हुए रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया। महीनेभर बीतने को है, लेकिन इन अस्पतालों में आईसीयू के मानक पूरे किए गए हैं कि नहीं, इसका सर्वे नहीं किया है। अधिकांश पहले जैसे ही संचालित हो रहे हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ होने पर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खामोश हैं।
प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत ने बताया कि 40 अस्पतालों के नोटिस देकर आईसीयू में मानक पूरा करने के बाद उनके रिपोर्ट भी जमा करनी थी। इनमें अधिकांश ने रिपोर्ट भेज दी है। इनका आकलन कर रहे हैं, सर्वे भी कराया जाएगा। कमी मिलने पर आईसीयू का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।