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जान बचाने के लिए वंश ने किया था संघर्ष

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आगरा। कूंचा साधूराम में रेखा और उसके दो बच्चों माही और पारस को पहले मारा गया था। वंश की हत्या बाद में की गई। क्योंकि वंश बाजार से पूजा का सामान ले गया था। खाने के लिए समोसे और सब्जी भी लाया था। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में वो नजर आया है। उसके आने पर हत्यारे उस पर टूट पड़े। जान बचाने के लिए वंश संघर्ष करता रहा। ऐसे साक्ष्य पुलिस को अपनी पड़ताल में मिले हैं।
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सीओ कोतवाली अर्चना सिंह ने बताया कि रेखा राठौर का शव प्रथम तल पर बने कमरे में फर्श पर बेड के सहारे पड़ा हुआ था। माही और पारस का शव बेड पर था। वहीं वंश स्टोर में पड़ा मिला था। पुलिस ने गली से निकलने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए थे। इसमें पता चला कि बुधवार दोपहर को 1:45 वंश बाजार गया था। उसने गली के बाहर ही एक दुकान से कलावा और फूल खरीदे। इसके बाद पास ही एक हलवाई की दुकान पर चला गया। यहां से समोसे खरीदकर लाया। इस दुकान के फुटेज में वो आ रहा है। सब्जी भी खरीदी। घर के गेट पर सीढ़ियों पर पॉलिथीन में जो सब्जी मिली थी, वो समोसे के साथ लाई गई थी। भूतल पर वंश का चश्मा भी पड़ा था, जबकि उसकी लाश प्रथम तल पर बने स्टोर में थी।
इससे पुलिस को आशंका है कि रेखा ने बेटे वंश को बाजार से सामान लेने भेजा था। माही और पारस पलंग पर लेटे होंगे। रेखा नहाने की तैयारी कर रही थी। तभी उसे दबोचा होगा। उसका गला रेत दिया। बच्चे शोर मचाते, उससे पहले ही दोनों के भी गले रेत दिए। तभी बाजार से वंश भी आ गया होगा। घर का नाजारा देखकर वह बाहर भागा होगा। मगर, हत्यारे ने उसे पकड़ लिया। दरवाजे पर उसकी सब्जी गिर गई। इस दौरान चश्मा भी गिरा। इसके बाद हत्यारा उसे खींचते हुए ऊपर ले गया होगा। स्टोर में उसे भी मार दिया गया। पहचान होने की वजह से हत्यारे ने किसी भी बच्चे को नहीं छोड़ा।
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