आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन एक ओर छात्रों से कह रहा है कि जो भी मुख्य परीक्षा का फॉर्म भरने से वंचित रह गए हैं, वह कॉलेज के माध्यम से सूचना भिजवाएं। उन पर परीक्षा समिति में निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कॉलेजों के प्रतिनिधि सूचना देने पहुंच रहे हैं, उनसे प्रार्थनापत्र स्वीकार नहीं किया जा रहा है। गत दो दिनों में कइयों को विश्वविद्यालय से लौटना पड़ा।
शुक्रवार को श्री अजब सिंह महाविद्यालय, नगला धारु, भगनेर, फिरोजाबाद के प्रतिनिधि परीक्षा नियंत्रक को संबोधित प्रार्थनापत्र लेकर विश्वविद्यालय में देर तक घूूमते रहे। परीक्षा नियंत्रक थे नहीं। कार्यालय में कइयों को प्रार्थनापत्र लेकर लौटना पड़ा। इस कॉलेज के बीए द्वितीय वर्ष की एक छात्रा और एक छात्र परीक्षा फार्म कोरोना महामारी में आर्थिक संकट खड़ा होने से नहीं भर पाए थे। बाकी कॉलेजों के प्रतिनिधि भी हाथ में प्रार्थनापत्र लेकर घूमते रहे। बृहस्पतिवार को भी विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक नहीं थे, कॉलेजों से प्रार्थनापत्र लिए नहीं गए थे। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि इस तरह का कोई मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। जो कॉलेज प्रार्थनापत्र देंगे, स्वीकार किया जाएगा।