आगरा। बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करने के मामले में तीन साल की सजा पूरी होने पर 38 बांग्लादेशियों को वापस भेजा जाएगा। शनिवार को जिला जेल से 30 वयस्कों की रिहाई होगी। 8 अवयस्क आश्रय गृह में हैं। पश्चिम बंगाल के रास्ते ये बांग्लादेशी भारत में आए थे। पिछले कुछ साल से आवास विकास काॅलोनी के सेक्टर 16 में ठिकाना बनाकर झोपड़ी में रह रहे थे। फरवरी 2023 में उनकी बस्ती पकड़ी गई थी। उनके पास भारत में रहने से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला था। उनके पास से बरामद आधार और वोटर कार्ड भी फर्जी निकला था। सभी कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। विदेशी अधिनियम के तहत सजा हुई थी। अब उनकी सजा पूरी हो चुकी हैं।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि 30 वयस्क और 8 अवयस्क हैं। सभी को आईबी की मदद से कड़ी सुरक्षा में बस से पश्चिम बंगाल ले जाएंगे। बीएसएफ की मदद से सभी को सीमा पार कराकर बांग्लादेश भेज दिया जाएगा।
पूर्व में दो भेजे गए थे वापस
एटीएस आगरा यूनिट ने चार जनवरी 2022 को बांग्लादेश के दो नागरिक मामून शेख उर्फ मोहम्मद अली और सुनील को गिरफ्तार किया था। उनके पास से सऊदी अरब की मुद्रा 500 रियाल (50 के दस नोट) मिले थे। वह अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर आए थे। वह विदेशी मुद्रा बेचकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। 3 साल 11 महीने बाद दोनों की सजा पूरी होने पर जेल से रिहाई हुई थी। इसकी जानकारी पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं। दिसंबर 2025 में दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट के लिए कोलकाता, पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश भेजा गया था।