रुनकता-सीकरी में सबसे ज्यादा मरीज
रुनकता और फतेहपुर सीकरी में टीबी के सबसे ज्यादा चार-चार मरीज मिले। शमसाबाद, खेरागढ़, एत्मादपुर, बरौली अहीर और आगरा उत्तर में तीन-तीन मरीज पाए गए। आगरा दक्षिण, जैतपुर कलां, सैंया और सेमरी में दो-दो मरीज और लोहामंडी व बाह में एक-एक व्यक्ति में टीबी की पुष्टि हुई।
टीबी के लक्षणों को करते रहे नजरअंदाज
‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ अभियान के प्रभारी कमल सिंह ने बताया कि लोगों से पूछताछ में पाया कि सभी को टीबी के लक्षणों की जानकारी थी, जैसे कि 15 दिन से अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार होना, वजन कम होते जाना, फिर भी इनको नजरअंदाज करते रहे। ऐसे भी लोग रहे, जो सामाजिक भेदभाव की आशंका से भी जांच कराने नहीं गए।
टीबी की बीमारी मिलने के बाद शुरू किया इलाज: डॉ. संत कुमार
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि दस्तक अभियान में मिले 36 मरीजों का निशुल्क इलाज शुरू कर दिया है। परिजनों को सावधानी बरतने की जानकारी देने के साथ इनके पौष्टिक भोजन की भी सलाह दी है। टीबी रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है, जांच और इलाज पूरी तरह से निशुल्क है। 500 रुपये प्रतिमाह भी दिए जाते हैं।