आतंकी बुरहान की मौत में कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा में आगरा के 35 लोग फंस गए हैं। इनमें आठ महिलाएं हैं। ये सभी अमरनाथ यात्रा पर तीन जुलाई को गए थे। आठ जुलाई को लौटते समय हिंसा भड़क जाने पर इन्हें श्रीनगर और बालटाल के बीच मनीग्राम स्थित सीआरपीएफ के बेस कैंप में रुकना पड़ा। तभी से वहीं पर फंसे हुए हैं।
इंटरनेट सेवाएं बंद हो जाने से परिवार से संपर्क भी मुश्किल हो गया है। इनमें शामिल आगरा के नगला ऊदल अजीजपुर गांव के झम्मन कुशवाहा ने फोन पर बताया कि उनके जत्थे ने छह जुलाई को बाबा बर्फानी के दर्शन कर लिए थे। आठ को श्रीनगर से आगे पहुंच गए थे। बालटाल नजदीक ही था।
लेकिन इससे थोड़ा पहले सीआरपीएफ ने मनीग्राम में रोक लिया। यहां सीआरपीएफ का बेस कैंप है। टीवी पर न्यूज देखकर पता चला कि घाटी में हिंसा भड़क गई है। तभी से फंसे हैं। शनिवार को हालात सामान्य होने की उम्मीद थी लेकिन और बिगड़ गए। झम्मन ने बताया कि कैंप में आगरा के 35 लोग हैं। इनके अलावा 300 लोग अन्य जगह के हैं।
शनिवार को कई घायल भी यहां पहुंचे। सभी लोग डरे हुए हैं। इंटरनेट सेवाएं बंद होने से व्हाट्स एप पर अपनी परेशानी परिवार से शेयर नहीं कर पा रहे हैं। फोन पर बात करना भी आसान नहीं। लाइनें काफी व्यस्त रहती हैं।