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मौत को मात: 35 दिन तक वेंटिलेटर पर रहा युवक, कोमा में चला गया था; इस तरह चिकित्सकों ने बचाई जान

Tue, 26 May 2026 10:26 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एसएन मेडिकल कॉलेज की न्यूरोसर्जरी और क्रिटिकल केयर टीम ने 35 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे 23 वर्षीय कोमा मरीज की जान बचाकर उसे नया जीवन दिया। सड़क हादसे में गंभीर सिर की चोट के बाद मरीज को निशुल्क इलाज दिया गया और अब उसे स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में डिस्चार्ज हुए मरीज के साथ डॉक्टर की टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग और क्रिटिकल केयर यूनिट टीम की मेहनत रंग लाई। 35 दिनों तक वेंटिलेटर पर मौत से जंग लड़ रहे कोमा के मरीज की जान बचा ली गई। मरीज को डिस्चार्ज कर दिया है। मरीज का पूरा इलाज निशुल्क किया गया।
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न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव धाकरे ने बताया कि चार अप्रैल को नगला पदी निवासी चंद्रप्रकाश राठौर (23) को सड़क हादसे में सिर पर गंभीर चोट आई थी। डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी मिली, जिसमें नसों में खून के कई थक्के बन गए थे। मिर्गी के दौरे भी पड़ रहे थे। सिर में चोट होने के कारण मरीज कोमा में चला गया था।

ऐसी स्थिति में ऑपरेशन संभव नहीं था। इसके लिए आईसीयू और न्यूरोसर्जन ने दवाओं से इलाज किया। न्यूरोसर्जन डॉ. मयंक अग्रवाल और डॉ. तरुणेश शर्मा ने बताया कि मरीज 35 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहा। होश आने के बाद पांच दिन आईसीयू में रखा गया। यहां पर डॉ. अतिहर्ष मोहन अग्रवाल ने भी मरीज का इलाज किया। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि चिकित्सकीय टीम के प्रयास से मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज कर दिया है। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू का प्रतिदिन महज 1000 रुपये शुल्क है। इसे भी निशुल्क कर दिया गया।
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