कासगंज। जिले की तीनों विधानसभाओं में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के पोस्टल बैलेट से वोट डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहली बार घर पर बैठकर वोट डालने को मिले मौके से इन मतदाताओं में काफी उत्साह देखा गया। टीम के घर पर पहुंचते ही ये मतदाता खुश हो गए और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शनिवार कुल 323 मतदाताओं ने मतदान किया।
चुनाव के दौरान बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाता अपने बूथ पर जाकर अन्य मतदाताओं की तरह ही वोट डालते आए हैं, लेकिन इस बार निर्वाचन आयोग ने 80 साल से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए घरों पर ही पोस्टल बैलेट से वोट डालने का मौका दिया। इसके लिए मतदाताओं से प्रपत्र भरवाए गए। जिले में 17970 बुजुर्ग एवं 11233 दिव्यांग मतदाता हैं। इनमें से जिन मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट की सुविधा मांगी उनके घरों पर शनिवार से टीमों का पहुंचना शुरू हो गया।
टीमें पोस्टल बैलेट, मतपेटिका के साथ ऐसे मतदाताओं के घरों पर पहुंची। इन मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग करने में खासी दिलचस्पी दिखाई। कासगंज विधानसभा में 72 बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया। अमांपुर विधानसभा में 140 मतदाताओं ने एवं पटियाली में 111 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सुरक्षा के किए गए इंतजाम
दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट से मतदान के लिए सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम किए गए है। पोलिंग टीम के साथ पुलिस की भी व्यवस्था की गई है, ताकि मतपेटिका एवं मतपत्र सुरक्षित रह सकें।
कराई जा रही वीडियो ग्राफी
मतदान की पारदर्शिता के लिए भी पूरे इंतजाम किए गए है। टीम के साथ एक वीडियो ग्राफर को भी तैनात किया गया है। वीडियो ग्राफर के द्वारा मतदाता के मतदान डालने से लेकर मतपेटिका में मतपत्र डालने तक की वीडियो बनाई जा रही है।
बैलेट पेपर को डबल लिफाफे में किया जा रहा पैक
बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाता के द्वारा डाले गए वोट का पता मतगणना से पूर्व किसी का न चल सके इसके लिए भी इंतजाम किए गए है। मतपत्र को पहले एक छोटे लिफाफे में पैक किया जा रहा है। इसके बाद इस लिफाफे को बड़े लिफाफे में पैक करने के बाद मतपेटिका में डाला जा रहा है।