सीमाएं सील , पैरामिलिट्री और पुलिस फोर्स के हवाले जिला
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कासगंज। जिलेभर में मचा चुनावी शोर रविवार की शाम थम गया। अंतिम दिन प्रत्याशी प्रचार में ताकत झोंकते नजर आए। प्रचार थमने के बाद प्रशासन ने निगहबानी बढ़ा दी। खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। उड़नदस्ते प्रत्याशियों और समर्थकों पर नजर बनाए हुए हैं।
कई दिनों से जिलेभर में चुनाव की धमाचौंकड़ी मची हुई थी। जगह-जगह लाउडस्पीकर बज रहे थे। प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगा जा रहा था। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित किए गए कार्यक्रम के तहत 21 अप्रैल शाम 6 बजे से प्रचार पर प्रतिबंध लग गया है। अब कोई भी प्रत्याशी न तो वोट मांग सकेगा और न ही सभाएं कर पाएगा। यदि किसी प्रत्याशी या समर्थक ने यह पाबंदी तोड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। उड़नदस्तों की सक्रियता बढ़ा दी गई है। स्टेटिक और वीडियो सर्वलांस टीमें भी सक्रिय की गई हैं। डीएम सीपी सिंह ने सभी टीमों को निर्देशित किया है वह निगरानी बढ़ाएं। 24 घंटे उड़नदस्तों को निगरानी रखनी है। प्रचार थमने से पहले अंतिम दिन तक प्रत्याशियों की कोशिश रही कि वह प्रत्येक मतदाता के दरवाजे तक पहुंच सकें। डीएम सीपी सिंह ने बताया कि यदि किसी प्रत्याशी या समर्थक ने मनमानी की तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चुनावी शोर थम जाने के बाद अब नजर मतदाताओं की ओर बनी हुई है। प्रत्याशी ओर अनके समर्थक लगातार मतदाताओं के बीच सेंधमारी की जुगत लगाने में जुटे है।
आंकड़े-
- 45 उड़नदस्ते कर रहे निगरानी।
- 18 वीडियो और स्टेटिक टीमों की बढ़ाई सक्रियता।
- 14 प्रत्याशियों की गतिविधि पर रहेगी नजर।
थम गया चुनावी शोर, अब बूथ प्रबंधन पर जोर
एटा। एटा संसदीय सीट की एटा व मारहरा विधानसभा क्षेत्र में 23 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए रविवार शाम को चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद हो गया। अब प्रत्याशी बूथवार मैनेजमेंट में जुट गए हैं। हर बूथ के अधिक से अधिक मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए प्रत्याशी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। कई जगहों पर तो मतदाताओं को बूथ तक लाने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रशासन प्रत्याशियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
रविवार शाम को प्रचार थमने के बाद प्रत्याशी अब मंथन में जुटे हैं। प्रचार के दौरान मिले समर्थन को अब वोट में बदलने की तैयारी है। इसके लिए समर्थकों को जिम्मा सौंपा गया है। बूथ वाइज तैनात किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाताओं की स्थिति पर नजर रखने और अपने पक्ष में अधिक से अधिक वोट डलवाने के लिए कहा गया है। साथ ही बूथ के बाहर बस्ते और मतदान केंद्र के अंदर रहने वाले पोलिंग एजेंट को भी निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्याशियों की नजर जातिगत गतिविधियों पर भी टिकी है। हर जाति के लोगों को अपने पक्ष में करने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जातियों के नेताओं से संपर्क कर मतदान कराने की अपील चल रही है। क्षेत्र बड़ा होने के चलते प्रत्याशियों ने कार्यकर्ताओं को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी है। हर ओर से चल रही जोर-आजमाइश पर प्रशासन भी नजर बनाए हुए है।