सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग
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कासगंज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले की करोड़ों रुपये से प्रस्तावित योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नहीं किया। प्रशासन की तैयारी धरी रह गईं। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रशासन को संदेश मिला कि सीएम कासगंज की योजनाओं को कासगंज में ही मूर्त रूप देंगे। इस संदेश के बाद संकेत मिले हैं कि मुख्यमंत्री शहर में आएंगे।
एटा में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कासगंज की करोड़ों रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करना था। मुख्यमंत्री कार्यालय से पूर्व में ही निर्देश मिल चुके थे। जिससे प्रशासन ने तैयारियां पूर्ण कर ली थीं। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने 13 विभागों की पत्रावली तैयार कराई। 2 अरब 17 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास प्रस्तावित था। सोमवार शाम तक जिला प्रशासन लोकार्पण और शिलान्यास की तैयारियों में जुटा रहा, लेकिन देर शाम सीएम कार्यालय से जिला प्रशासन को सूचना मिली की कासगंज की परियोजनाओं का सीएम एटा में लोकार्पण और शिलान्यास नहीं करेंगे। इसके बाद मंगलवार को सीएम एटा में पहुुंचे, लेकिन यहां कासगंज की परियोजनाओं को मूर्त रूप नहीं मिला। अब यह तो स्पष्ट हुआ है कि मुख्यमंत्री कासगंज आएंगे।
आंकड़े एक नजर में-
- 13 विभागों की परियोजनाओं का होना था लोकार्पण और शिलान्यास।
- 87 परियोजनाएं की गईं थी प्रस्तावित।
- 2.7 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर आएगी लागत।
सेवा में नहीं आई सिटी स्कैन मशीन
कासगंज। जिला चिकित्सालय को मिली सिटी स्कैन का भी उद्घाटन होना था। उसके बाद यह मशीन रोगियों की सेवा के लिए समर्पित हो जाती। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में चार चांद लगते, लेकिन सिटी स्कैन मशीन का उद्घाटन न होने के कारण यह मशीन फिलहाल धूल फांकती रहेगी।
- मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कासगंज की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कासगंज में ही करेंगे। इसलिए फिर तैयार की गई पत्रावली को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष नहीं गए। लोकार्पण और शिलान्यास नहीं हुआ है- चंद्र प्रकाश सिंह, डीएम।