फिरोजाबाद। सरकार में रहकर उसी के खिलाफ बोलने के लिए चर्चित सूबे के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को फिर भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने जिलों के नाम बदलने पर तंज कसते हुए कहा कि नाम बदलने से गरीबों का भला नहीं होने वाला है। राममंदिर का मुद्दा उठा कर भाजपा चुनाव से पहले धुव्रीकरण की कोशिश कर रही है।
प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन विभाग के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर रविवार को यहां अति पिछड़ा वर्ग सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेेने आए थे। पत्रकारों से बातचीत में वह सरकार के खिलाफ आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा कि मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने से क्या ट्रेनें राइट टाइम हो गईं।
गरीबों के बच्चों की शिक्षा में सुधार व बेरोजगारों को रोजगार देने पर चर्चा करने की किसी को फुरसत नहीं है। मंदिर-मस्जिद के नाम पर जनता को बरगलया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा व बसपा की तर्ज पर भाजपा भी नाम बदल रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग सामाजिक न्याय समिति की सिफारिश को लागू करने की फुरसत नहीं है।
नाम बदलने हैं, तो प्रदेश के राज्यमंत्री मोहसिन रजा, राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकबी का नाम बदलो, ताकि मुसलमानों का भला हो जाए। एक करोड़, 77 लाख गरीबों के बच्चे 1.59 लाख सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इनकी शिक्षा में सुधार की किसी नेता को चिंता नहीं, बेरोजगार घूम रहे पिछड़े वर्ग के युवाओं को रोजगार देने की चिंता नहीं है।
सरकार में रह कर सरकार के विरोध के सवाल पर कहा कि तीन भाइयों को हिस्सा मिले और एक को नहीं, तो वह चिल्लाए भी नहीं। हम सरकार में हैं, लेकिन किसी के गुलाम नहीं। क्या अयोध्या में 2019 के चुनाव से पहले राममंदिर बनेगा ? इस सवाल पर राजभर ने कहा कि राममंदिर का माल्मला कोर्ट में है। गरीबों को राममंदिर और मस्जिद से कोई लेना-देना नहीं है। उसे तो पेंशन, राशनकार्ड व सड़क, नाली खड़ंजा चाहिए।
यही भाजपा 2012 में पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ने पर आंदोलन कर रही थी। लोगों ने सोचा यह महंगाई घटाएंगे, तो सरकार बना दी। राजभर ने कहा कि लोकसभा का चुनाव भाजपा के साथ ही लड़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा तारीफ करने के सवाल पर बोले कि हम तो मायावती की तारीफ करते हैं, भले ही पत्थरों से ही सही लखनऊ को नवाबों का शहर बना दिया।
शिवपाल यादव की पार्टी के बारे में कहा कि वह मेरे बड़े भाई हैं। पहले पार्टी का ठप्पा तो लगवा लें। जनता के बीच जाएं कितना पसंद करेगी तब सोचेंगे।