फिर खुला नर्सिंग होम का ताला, कार्रवाई सिफर
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एटा। जच्चा, बच्चा की मौत के बाद डॉ. जयप्रकाश सक्सेना पर रिपोर्ट तो दर्ज हो गई। मगर घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गई जिससे चलते अवैध रुप से संचालित अवैध नर्सिंग होम में दूसरे भी मरीजों का इलाज किया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक सुस्ती के चलते ही इन अवैध नर्सिंग हो संचालकों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
महाराणा प्रताप नगर स्थित एक घर में नर्सिंग होम संचालित हो रहा है, जहां मंगलवार सुबह गांव मरथरा निवासी रानी 22 पत्नी सतेंद्र का प्रसव हुआ जिसके बाद रानी और उनके नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। चिकित्सक नर्सिंग होम का ताला बंद करके फरार हो गया। मृतका के पति सतेंद्र पुत्र ओमप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक डॉ. जयप्रकाश के खिलाफ लापरवाही से इलाज करने तथा रीना और उसकी नवजात पुत्री की मौत होने की धाराओ में मामला दर्ज कर लिया।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर से किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि सीएमओ डॉ. अजय अग्रवाल का कहना है कि पटियाली गेट पर डॉ. जयप्रकाश सक्सेना का क्लीनिक पंजीकृत है। मगर महाराणा प्रताप नगर में अगर कोई क्लीनिक संचालित हो रहा है तो इसके बार में जानकारी नहीं है। इसके लिए उन्होंने डॉ. अभिनव दुबे को जांच सौंपी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अंधेरे में रहेगी जांच
जच्चा और बच्चा की मौत होने के बाद जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग उदासीनता बरत रहा है। उससे यह तो साफ हो गया है कि जच्चा और बच्चा की मौत के मामले में भी जांच अंधेरे में रहेगी। क्योंकि अब से पहले के मामलों में भी स्वास्थ्य विभाग आज तक जांच कर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है।