मथुरा। जनता को परेशान करने वाले बंदरों को कहां छोड़ा जाए इसे लेकर नगर निगम असमंजस में पड़ा हुआ है। वन विभाग द्वारा इसका कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। नगर निगम तीसरी दफा वन विभाग को पत्र भेजने की तैयारी कर रहा है।
बंदरों की बढ़ती संख्या को लेकर लोग बहुत परेशान हैं। बंदरों को अन्यत्र छुड़वाने के लिए पार्षदों ने निगम के अधिकारियों पर दबाव बनाया। इसके चलते निगम ने बंदरों को छोड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की तथा वन विभाग से पूछा कि आखिरकार बंदरों को निगम कहां छुड़वाए। वन विभाग ऐसा स्थान बताए जहां पर बंदरों को पर्याप्त मात्रा में फल फूल मिल सकें। काफी दिन गुजरने के बाद भी वन विभाग ने इसका कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया। जबकि निगम द्वारा एक दफा फिर से वन विभाग से इस संबंध में पूछा है।
पहले कहां छोड़े गए बंदर?
निगम ने पहली दफा वन विभाग से पूछा है कि वह बंदरों को कहां छोड़े, वन विभाग कोई ऐसा जंगल बताए जहां पर बंदरों के लिए उचित मात्रा में फल फूल उपलब्ध हों। जबकि इससे पहले भी नगर पालिका के दौरान वृंदावन नगर पालिका द्वारा बंदर पकड़वाए गए थे और बंदरों को छुड़वाया भी गया था। सवाल उठता है कि पहले बंदरों को कहां छुड़वाया गया था। वहीं निगम को अब छुड़वा देना चाहिए।