मथुरा। जवाहर बाग पर कब्जा करने वाले कब्जाधारियों द्वारा उद्यान विभाग के कर्मचारियों से मारपीट प्रकरण मेें सोमवार को कोर्ट में आखिरी गवाह के रूप मेें जिला अस्पताल के चिकित्सक पेश हुए। प्रकरण में अभी तक 21 गवाह पेश हो चुके हैं। उधर, अन्य मामलों में करीब 100 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया।
15 मार्च 2016 को उद्यान विभाग के कर्मचारियों से रामवृक्ष और उनके साथियों ने मारपीट की थी। इस संबंध में उद्यान विभाग के कर्मचारी रामस्वरूप ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रामस्वरूप के अलावा उद्यान विभाग की वती नाम की महिला भी चोटिल हुई थी। केस के आखिरी गवाह जिला अस्पताल के चिकित्सक सुशील कुमार सोमवार को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में बताया कि उनके द्वारा चोटिलों का इलाज किया गया था। चिकित्सक की गवाही के साथ केस में गवाही पूरी हो गईं। इस केस मेें कुल मिलाकर 21 गवाह पेश हुए हैं। न्यायालय ने केस के निर्णय के लिए 23 जुलाई को तिथि तय की है। इस दिन सभी आरोपी व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे।
उधर अन्य मामलों में एसीजेएम प्रथम तथा एडीजे षष्टम की अदालत में लगभग 100 आरोपी पेश हुए। इस दौरान केवल अनूप, चंदन बोस और हरनाथ कोर्ट में हाजिर नहीं हो सके। जानकारी रहे हरनाथ करीब एक साल से कोर्ट में हाजिर नहीं हो सका है। इसके लिए अधिवक्ता एलके गौतम ने भी न्यायालय से जानकारी की है। न्यायालय द्वारा नैनी जेल में संदेश दिए जाने के बाद हरनाथ हाजिर नहीं हो सका। सोमवार को न्यायालय ने विशेष संदेश के जरिए हरनाथ को कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है।