एटा। बरसात का मौसम शुरू होते ही बीमारियों ने भी पैर पसार लिए हैं। बीते चार दिनों से जिला अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार लगी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में दिन में दो हजार तक मरीज पहुंच रहे हैं। जांच में ज्यादातर मरीजों को मलेरिया, वायरल, टाइफाइड सामने आ रहा है। इसके अलावा त्वचा और आंखों की बीमारियां भी बढ़ी है।
मौसमी बीमारी का कहर बरपने लगा है। हर घर में एक सदस्य बीमार है। बरसाती मौसम में जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। आम दिनों में यहां करीब एक हजार मरीज आते हैं, मगर इन दिनों यह संख्या दो हजार मरीजों तक पहुंच गई है। स्थिति यह है कि बेड फुल हो चुके हैं। ऐसे में आधे से ज्यादा मरीजों को बिना भर्ती किए ही दवाई से उपचार दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल प्रशासन की मानें तो पिछले साल तक बारिश के मौसम में ओपीडी की औसतन संख्या एक हजार तक रही है। इस बार दो हजार हो चुकी है। मलेरिया विभाग में जनवरी से अब तक 213 पीड़ित पहुंच चुके हैं। वहीं जून महीने में ही 41 मरीजों का उपचार किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी बीमारियों से निपटने को कमर कस ली है। वहीं अब तक जिले मेें 21124 स्लाइडों की जांच हो चुकी है।
ये बरतें सावधानी
- पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीएं।
- ताजा भोजन करें, भोजन हल्का व सुपाच्य हो।
- गंदगी से दूर रहें।
- बाजार में खुले में बिक रही खाद्य सामग्री खाने से परहेज करें।
- वायरल फीवर से पीड़ित मरीज से दूर रहें, जिससे संक्रमण न फैले।
- बारिश में भीगने से बचें, भीग जाएं तो तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
- बीमार पडने पर खुद को दूसरों से दूर कर लें।
- वायरल फीवर होने पर कम से कम पांच दिन बेड रेस्ट करें।
दवाओं का हो रहा छिड़काव
बारिश से पनप रहे मच्छरों को मारने के लिए मलेरिया विभाग ने तैयारी कर ली है। विभाग की ओर से हर ब्लॉक को अल्फासायफर मेथिन और डीडीटी दी गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीमें हर ब्लॉक में जा-जाकर मच्छर मार दवा का छिड़काव कर रही हैं। विभाग की 16 मशीनों से ग्राम पंचायतों में फागिंग की जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. हर प्रसाद ने बताया कि मौसम बदलने से मलेरिया के रोगियों की तादाद बढ़ी है। जिनकी तुरंत जांच कराई जाती है और दवा दी जाती है। साथ ही ब्लॉक स्तर पर मच्छर मार दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
मौसमी बीमारी का प्रकोप इस बार ज्यादा है। मौसम में सर्दी-गर्मी का असर बीमारियां बढ़ा रहा है। ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले जहां एक हजार तक मरीज आते थे, लेकिन अब संख्या बढ़कर दो हजार हो गई है। मरीजों का समुचित उपचार कराया जा रहा है।
डा. प्रदीप कुमार, सीएमएस
कहते हैं आंकड़े
02 हजार मरीज पहुंच रहे ओपीडी में
21 हजार स्लाइडों की अब तक हुई जांच
213 मलेरिया के मरीज मिले जनवरी से अब तक
41 मलेरिया के मरीज जून महीने में मिले