मैनपुरी (बेवर)। कर्ज लेकर सात बीघा खेत में बोई गई गेहूं की फसल को आवारा जानवरों ने बर्बाद कर दिया। नुकसान की पूर्ति के लिए किसान ने अफसरों के आगे गुहार लगाई, लेकिन सरकारी मदद हासिल नहीं हो सका। इससे सदमे के चलते उसकी हृदय गति रुक गई, जिससे मौत हो गई। किसान की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया।
थाना क्षेत्र के गांव प्रेमपुर नगला देवी निवासी धनीराम जाटव (55) ने करीब तीन महीने पहले ग्रामीणों से 19 हजार रुपये कर्ज लेकर सात बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। फसल बोने के बाद मुनाफा और होने वाली आय से कर्ज चुकाने के लिए दिन रात मेहनत और फसल की देखरेख की। करीब बीस दिन पूर्व आवारा पशुओं ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। फसल तबाह हो जाने के बाद धनीराम बेहद परेशान हो गया था। नुकसान औैर कर्ज चुकाने की चिंता उसे खाए जा रही थी। खेती से ही परिवार का पेट भरने का इंतजाम होता था, वहीं घरेलू पशुओं के लिए चारा आदि का इंतजाम भी मुश्किल हे गया था।
चिंताग्रस्त किसान रविवार की सुबह करीब चार बजे खेतों की ओर गया। वहां उसके सीने में तेज दर्द हुआ और वहीं गिर गया। आसपास खेतों में रखवाली कर रहे ग्रामीण जब तक वहां पहुंचे तब तक धनीराम की सांसें थम चुकी थीं। जानकारी होने के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। पत्नी शांति देवी की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया।