एटा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने फर्जी डिग्री धारक 92 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची जारी कर एक सप्ताह में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश के साथ ही शिक्षक के वेतन, भत्ते रोकते हुए बैंक खातों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है। सूची में 56 शिक्षक और 36 शिक्षिकाएं शामिल हैं। कार्रवाई से विभाग में हड़कंप है।
फर्जी बीएड डिग्री धारक एवं अंक पत्रोें में हेराफेरी के आरोपी शिक्षक-शिक्षिकाओं पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। एक पखवाड़े से चल रही कार्रवाई का पहला चरण पूरा होते ही जिला बीएसए एसके तिवारी ने चिन्हित 92 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सूची जारी कर इन लोगों को 20 नवंबर तक मूल प्रमाणपत्रों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश के साथ ही सक्रिय हुए लेखा विभाग ने जहां इन शिक्षकों के वेतन-भत्ते तत्काल प्रभाव से रोक दिए हैं। साथ ही इनके बैंक खाता संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
ये था मामला
डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा एसआईटी की जांच रिपोर्ट आख्या एवं फर्जीवाड़े में चिन्हित साढ़े चार हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं की सीडी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराई थी। एक नवंबर की प्रथम दृष्टया जांच में 29 शिक्षक-शिक्षिकाएं चिन्हित हुए थे। इनमें 21 मामले अंकों में हेराफेरी, आठ फर्जी डिग्री के थे। अगले दिन में यह संख्या बढ़कर 33 हो गई थी। यह चार लोग वे थे जिनके नाम, पता एवं अनुक्रमांक विश्वविद्यालयी अभिलेखों से भिन्न थे।
विभाग को हुई थीं मुश्किलें
हजारों की सूची में एक जैसे नाम व पिता के नाम वाले फर्जी शिक्षकों को चिन्हित करना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा था। बीएसए ने चार नवंबर को खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर 2005-06 में बीएड करने वाले शिक्षक शिक्षिकाओं की सूची मांगी थी। इसके बाद भी सही आकलन न होने पर सात नवंबर को 12 बिंदुयी प्रारूप जारी कर विकास खंडवार शिक्षकों का ब्यौरा मांगा था। इनमें शिक्षक के विवरण के साथ बीएड वर्ष, कालेज एवं तैनाती वर्ष, तैनाती स्थल का ब्यौरा शामिल था। इसके बाद संदिग्ध शिक्षकों को मूल अंक पत्रों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।। आदेश के बाद भी दर्जनों शिक्षकों ने मूल प्रपत्रों के साथ उपस्थित होेना दूर सूचनाएं भी प्रस्तुत नहीं कीं।
नेतागिरी हुई फ्लॉप
फर्जी डिग्री सूची में कुछ शिक्षक नेता भी शामिल हैं। इन पर अध्यापन से ज्यादा नेतागीरी करने का आरोप रहा है। लोगों के अनुसार कार्रवाई के बाद से जिले में शिक्षक नेतागीरी भी कम हो गई है।
प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में चिन्हित शिक्षक शिक्षिकाओं को नोटिस पूर्व में ही जारी कर दिए गए हैं। बुधवार को इनकी सूची जारी कर इन्हें एक सप्ताह में मूल अंकपत्रों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। इनके वेतन-भत्ते व बैंक खाता संचालन पर रोक लगा दी गई है।
-श्याम किशोर तिवारी, बीएसए