फिरोजाबाद/टूंडला। निकाय चुनाव के लिए आरक्षण की स्थिति साफ होते ही एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं हैं। चुनाव मैदान मे किस्मत आजमाने के लिए संभावित प्रत्याशियों ने अपना प्रचार शुरू कर दिया है। चेयरमैन पद के लिए क्रमवार टूंडला सीट सामान्य वर्ग की होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं होने से अनुसूचित जाति वर्ग के तमाम नए चेहरे सामने आने लगे हैं।
प्रदेश का शासन क्या बदला, निकाय चुनाव के सामान्य वर्ग का आरक्षण बदल गया। इसी के साथ बदल गए प्रत्याशियों के चेहरे। पिछले निकाय चुनावों की क्रमवार आरक्षण स्थिति को देखी जाए तो पहले सामान्य महिला, फिर एससी महिला, फिर बीसी महिला की सीटें हुईं। इस क्रम के मुताविक इस बार सामान्य वर्ग पर निकाय चुनाव होने थे। इस कयास को लेकर टूंडला नगर से लगभग चार दर्जन से अधिक सामान्य वर्ग के लोग निकाय चुनाव मैदान में कूदने की तैयारी में जुटे थे।
अब सामान्य वर्ग से टूंडला की सीट बदलकर अनुसचित जाति की हो गई है। इसको लेकर एससी वर्ग के लोगों ने तैयारियां शुरू कर दीं हैं। टूंडला सीट पर सामान्य वर्ग से 50 से अधिक प्रत्याशियों की लिस्ट थी, लेकिन अब दर्जनभर प्रत्याशियों के चेहरे नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि अनुसूचित जाति में जाटव समाज से चार, कोरी समाज से तीन, धोबी समाज से दो, बाल्मीकि समाज से दो, धनगर समाज से दो संभावित प्रत्याशियों ने दावेदारी ठोकना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी कुछ और जातियों के प्रत्याशियों के चेहरे साफ होना बाकी है।
चेयरमैन पद अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व होने से सामान्य वर्ग के तमाम प्रत्याशियों पर जैसे गाज सी गिर गई है। इस निकाय चुनाव में भाजपा, सपा, बसपा ने अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर दी। ऐसी स्थिति में पार्टी समर्थित कुछ प्रत्याशी पार्टी पदाधिकारियों से संपर्क कर पार्टी सिंबल पर टिकट पाने के लिए भाग दौड़ में जुट गए हैं।