आगरा। ताजमहल के पश्चिमी गेट स्थित नीम तिराहा पर बृहस्पतिवार को हुई बारिश से नाला उफन गया। नाले की गंदगी और कीचड़ सड़क पर जमा हो जाने से पर्यटक दुर्गंध और फिसलन से परेशान रहे। चंद मिनटों की बारिश ताजमहल के पास सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी। ताज के दो किमी. दायरे में सफाई पर हर साल 30 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाते हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर बाद हुई बारिश के कारण नीम तिराहे के पास नाले की गंदगी और पानी सड़क पर फैलने से दुर्गंध और फिसलन बढ़ गई। सैलानी गंदे पानी से बचने के लिए पत्थरों और ऊंचे हिस्सों से होकर निकलते दिखाई दिए। पर्यटकों के साथ आए गाइड रिजवान ने बताया कि जलभराव की वजह से फिसलन काफी थी, यदि किसी पर्यटक का पैर फिसल जाता तो गंभीर चोट लग सकती थी। यहां ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत 197 करोड़ रुपये के काम कराए गए थे, जिसमें लाल पत्थर से सड़क का निर्माण किया गया था। ताज के पश्चिमी गेट से बाहर निकले पर्यटकों ने नाले की गंदगी सड़क पर भर जाने पर नाराजगी जताई। जयपुर से आए पर्यटक नीलकमल ने कहा कि हर टिकट पर टोल टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन यहां हालात बेहद खराब हैं। कई विदेशी सैलानी सड़क पर भरे गंदे पानी की तस्वीरें और वीडियो भी लेते नजर आए। ताजगंज के होटल संचालक संदीप अरोड़ा ने बताया कि नालों की नियमित सफाई न होने के कारण हल्की बारिश में यही स्थिति पैदा हो जाती है। नालियां चोक हैं और आउटसोर्स की गई कंपनी सफाई को लेकर बेहद लापरवाह है।
बारिश से नाला उफन गया।