आगरा। ताजमहल में भारतीय और विदेशी सैलानियों को बंदरों के काटने की घटनाओं के बाद बृहस्पतिवार को नगर निगम ने दशहरा घाट पर पिंजरा लगाया। पहले दिन 25 बंदर पकड़े गए, जिन्हें वन विभाग की ओर से चिह्नित वन क्षेत्रों में छोड़ा गया।
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि कुछ माह से ताजमहल में बंदरों के काटने के मामले बढ़े हैं। पर्यटकों के पीछे दौड़ने, खाद्य सामग्री झपटने और काटने की घटनाओं के कारण सुरक्षा की स्थिति गंभीर हो रही थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बंदरों को पकड़ने के लिए पत्र भेजा था, जिस पर नगर आयुक्त के निर्देश के बाद दशहरा घाट पर पिंजरा लगाया गया।
पकड़े गए बंदरों को वन क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है, ताकि आबादी और पर्यटन स्थलों से दूर उन्हें प्राकृतिक वातावरण मिल सके। उन्होंने बताया कि फिलहाल ताजमहल पर ही बंदर पकड़ने का काम शुरू किया गया है। बाद में टीमें बढ़ेंगी तो अन्य इलाकों, ऑफिसों में पिंजरा लगाकर बंदर पकड़े जाएंगे।
अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता कुमार ने ताजमहल में पर्यटकों को काटने की घटनाएं बढ़ने पर नगर निगम को 28 सितंबर को पत्र भेजा था। कहा था कि बीते साल 7 जुलाई से अब तक दस बार पत्र भेजे गए हैं लेकिन निगम के पशु कल्याण विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसी ब्योरे के बाद नगर निगम ने बृहस्पतिवार को पिंजरा लगाया।