आदिकेशव से गायघाट तक सीवेज और गाद से काला हुआ गंगा जल
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सोरों। मांगों को लेकर हड़ताल पर गए सफाई कर्मी काम पर वापस लौट आए हैं। पालिका ने सफाई कर्मियों की मांगें मान ली हैं। कर्मियों के काम पर लौटने से तीर्थनगरी में दोपहर तक साफ सफाई का काम किया गया।
सफाईं कर्मियों की मांग थी कि संविदा सफाई कर्मियों का सातवें वेतनमान के अनुसार 16 माह के एरियर का भुुगतान किया जाए, दो प्रतिशत बोनस एरियर व दो माह का पीएफ जमा किया जाए। दैनिक सफाई कर्मियों का वेतन समान नहीं है, सफाई कार्य के लिए रखे गये ओबीसी कर्मचारियों को उनके मूल सफाई कार्य में ही लगाया जाए, लेकिन ईओ ने सभी मांगे नहीं मानी। इससे आक्रोशित सफाईकर्मी हड़ताल पर चले गए थे। बुधवार शाम तक सफाईकर्मियों की हड़ताल वापस कराने के लिए सभासदों की बैठक होती रही। गुरुवार को पालिका ने मांगे मान लीं। उसके बाद कर्मचारी काम पर लौट आए। फिर तीर्थनगरी की साफ सफाई का काम शुरू हुआ। वैसे तीर्थनगरी में प्रतिदिन तीन मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, लेकिन गुरुवार को चार मीट्रिक टन कूड़ा निकला। सफाईकर्मी संघ के अध्यक्ष अशोक पहलवान ने कहा कि पालिका ने मांगे मान ली है। यदि सभी मांगे पूरी न हुईं तो फिर आंदोलन करेंगे।
वापस लिए नोटिस
सोरों। हड़ताल पर गए तीस कर्मचारियों को पालिका ने सेवा समाप्ति का नोटिस थमा दिया था। वार्ता के बाद जब कर्मचारी काम पर लौट आए तो पालिका ने इन कर्मचारियों के नोटिस वापस ले लिए है।
सफाईकर्मियों की मांगे मानी हैं। प्रयास करेंगे कि जल्द ही मांगे पूरी कर दी जाएं। सफाई कर्मी काम पर वापस लौट आए हैं।
संतराम सरोज, अधिशासी अधिकारी