मैनपुरी। हत्या करके शव को छिपाने के आरोपी को अपर जिला जज सप्तम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसको 55 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करने को कहा गया है। सजा सुनाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया। थाना बिछवां के सुन्नामई निवासी रामानंद का शव पांच अक्तूबर 2015 को पास के गांव नगला शिम्भू के बाहर तालाब में मिला था। छह अक्तूबर को रामानंद की पत्नी सुनीता देवी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि वह बीडीसी पद की उम्मीदवार हैं। तीन अक्तूबर को उसके पति गांव में गए थे। वापस नहीं आने पर तलाश के बाद उनका पता नहीं चलने पर उसने चार अक्तूबर को थाना बिछवां में सूचना दी थी। पुलिस ने जांच के दौरान रामवीर, मनोज जादौन निवासी अकसौली थाना सिकंदराराऊ हाथरस के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम तैयब अहमद की कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान दोनों की जमानत मंजूर हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। मनोज जादौन के खिलाफ गवाही नहीं होने पर उसको बरी कर दिया गया। रामवीर को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उसको 55 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। सजा सुनाने के बाद रामवीर को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। अभियोजन पक्ष की पैरवी एडीजीसी अशोक कुमार यादव ने की।