खाद के सैंपल फेल, पांच दुकानों के लाइसेंस निरस्त
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एटा। रेवले स्टेशन पर नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी की सितंबर में आई रैक से कृषि अधिकारियों ने नमूने भरे थे जो प्रयोगशाला लखनऊ में फेल हो गए। इसके बाद विभाग ने कंपनी के जिम्मेदारों को नोटिस दिया था। मगर कंपनी द्वारा नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। जिसको लेकर सोमवार को कृषि अधिकारियों ने जिलाधिकारी से अनुमोदन के बाद कंपनी के खिलाफ कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज करा दी है।
नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी के क्षेत्रीय विक्रय अधिकारी आलोक कुमार द्वारा जिले को भेजी गई रैक 20 सितंबर 2018 को रेवले स्टेशन एटा पर पहुंची थी। यहां से अपर जिला कृषि अधिकारी मौहर सिंह व उर्वरक सहायक राजपाल सिंह द्वारा रैक से एनएनटी के सामने दो नमूने भरे थे जिनको परीक्षण के लिए राजकीय उर्वरक परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया था। परीक्षण परिणाम रिपोर्ट में दोनों ही नमूने फेल (अमानक) प्राप्त हुए। इस रैक की सप्लाई थोक उर्वरक विक्रेता मै. एटा फर्टिलाइजर्स के पास आई थी। जिसका पहला नोटिस 3 नबंवर और दूसरा 10 दिसंबर को क्षेत्रीय विक्रय अधिकारी आलोक कुमार को कमला नगर आगरा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर भेजा गया था। मगर क्षेत्रीय विक्रय अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद कृषि अधिकारी ने जिलाधिकारी आईपी पांडेय को जिले में नकली उर्वरक सप्लाई करने की जानकारी देते हुए एफआईआर के लिए अनुमोदन पत्रावली प्रेषित की। जिलाधिकारी से हरी झंडी मिलते ही सोमवार को थाना कोतवाली नगर में क्षेत्रीय विक्रय अधिकारी आलोक कुमार को मिलावटी उर्वरक विक्रय कराने और संदिग्ध होने का दोषी मानते हुए धारा 25 और 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी के क्षेत्रीय विक्रय अधिकारी आलोक कुमार के खिलाफ मिलावटी उर्वरक विक्रय करने और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का दोषी माना गया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन बाद कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
एमपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी