फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पड़ोसी जिलों की भी चीनी मिल खराब, कहां खपे गन्ना

विज्ञापन
गन्ना लदा ट्रैक्टर। - फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
विज्ञापन
कासगंज। जिले के गन्ना किसान ही परेशान नहीं हैं बल्कि चीनी मिलों की खराबी से पड़ोसी जिला अलीगढ़ और बदायूं में भी मुसीबत है। वहां के किसान न्यौली चीनी मिल से गन्ने की खपत को टकटकी लगाए बैठे हैं, लेकिन गन्ना विभाग ने दूसरे जिलों के किसानों का गन्ना खरीदने से स्पष्ट मना कर दिया है। गन्ना उपायुक्त ने किसानों की समस्या देखते हुए गन्ना डायवर्जन की मनाही कर दी है।
विज्ञापन

न्यौली चीनी मिल में किसानों के सामने तमाम समस्याएं हैं। आए दिन बंद होती मिल गन्ने की खरीद को प्रभावित कर रही है। जिले के किसान कई दिनों से मांग कर रहे थे कि उनका गन्ना बदायूं जिले में यदु ग्रुप की मिल को स्थानांतरित कर दिया जाए, लेकिन रविवार को बरेली में गन्ना उपायुक्त संजय कुमार द्वारा बुलाई गई बैठक में स्पष्ट हुआ कि बदायूं जिले की मिल भी खराब है। इसके अलावा पड़ोसी जिला अलीगढ़ की मिल के बंद होने की भी रिपोर्ट उपायुक्त के सामने रखी गई। समीक्षा बैठक में पाया गया कि पड़ोसी जिलों की अपेक्षा न्यौली चीनी मिल काफी हद तक बेहतर है। बदायूं और अलीगढ़ के गन्ना अधिकारियों ने न्यौली चीनी मिल में गन्ने की खरीद का प्रस्ताव रखा, लेकिन गन्ना उपायुक्त ने जिले के किसानों की समस्याओं को देखते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। दूसरे जिले के किसान न्यौली चीनी मिल गन्ना खपत को उम्मीद लगाए बैठे हैं। गन्ना विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के किसानों का गन्ना प्राथमिकता से खरीदा जाएगा।
आंकड़े-
80 लाख क्विंटल गन्ना खरीद है कासगंज का लक्ष्य।
75 लाख क्विंटल गन्ना खरीद है बदायूं का लक्ष्य।
85 लाख क्विंटल गन्ना खरीद है अलीगढ़ का लक्ष्य।
न्यौली चीनी मिल में गन्ने की खरीद व्यवस्थित रूप से न होने के कारण गन्ना अभी खेतों में खड़ा है जिससे अन्य फसलें भी पिछड़ गई हैं। मिल प्रशासन जान बूझकर मिल के रखरखाव पर ध्यान नहीं दे रहा। इस कारण बार-बार खराबी का बहाना किया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि इस समस्या का समाधान करें। जिससे किसानों का गन्ना मिल में पड़ सके। कैप्टन राज गुप्ता, राष्ट्रीय महासचिव, किसान यूनियन।
विज्ञापन

- जिले के गन्ना किसान परेशान हैं। पहले जिले का तय लक्ष्य पूरा किया जाएगा। दूसरे जिले के गन्ना किसानों का गन्ना नहीं खरीद सकते। उपायुक्त के समक्ष इस विषय पर चर्चा भी हो चुकी है। ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें