फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना एक्सप्रेसवे पर रात भर फंसे रहे 2000 वाहन

विज्ञापन
कैप्सूल के टैंकर में लगी आग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
टैंटीगांव (मथुरा)। यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार की रात को करीब पौने दो बजे हुए भीषण अग्निकांड से कोसों तक दहशत फैली रही। अधिकारी भी दूर खड़े होकर आग बुझाने की रणनीति बनाने के अलावा कुछ कर नहीं पा रहे थे। सुबह पांच बजे तक एक्सप्रेसवे बंद रहा। तकरीबन दो हजार वाहन फंसे रहे। जब रास्ता साफ नहीं हुआ तो कुछ लोग जेवर टोल से वापस लौट गए तो कुछ मांट टोल से। हजारों लोगों को एक्सप्रेसवे पर ही सुबह हो गई थी।
विज्ञापन


यह भी गनीमत रही कि वक्त देर रात का था। उस समय एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या कम हो जाती है। मथुरा से लेकर नोएडा तक करीब दो हजार वाहन उस समय एक्सप्रेसवे पर रहे होंगे। आग लगते ही टोल पर सूचना कर दी गई और ट्रैफिक को रोक दिया गया।

पहले तो लोग सोचते रहे कि थोड़ी बहुत देर में रास्ता साफ हो जाएगा लेकिन सुबह के पांच बज गए थे। जो एक बजे एक्सप्रेसवे पर चढ़े थे वह पांच बजे के बाद ही आगे बढ़ सके। लोगों का कहना है कि लपटें इतनी जबरदस्त थीं कि आसपास के इलाके में भी दूर से देखी जा सकती थीं।
विज्ञापन


पहले तो एक्सप्रेसवे के एक साइड पर ही आग थी लेकिन कुछ ही देर में पूरे एक्सप्रेसवे को आग ने अपने कब्जे में ले लिया था। एक्सप्रेसवे अथारिटी के अफसरों का कहना है कि तमाम लोग रात में ही टोल से वापस लौट गए थे। जबकि जो खड़े रहे वह सुबह पांच बजे के बाद ही गए।

दस से ज्यादा किसानों की फसलें भी जल गईं

एक्सप्रेसवे के किनारे तमाम किसानों की फसलें भी आग की चपेट में आ गई थीं। लहलहाते खेत बेकार हो गए थे। चारा तो काला पड़ गया है जिसे अब पशु खा भी नहीं सकते हैं। कुछ खेतों में सरसों जम रही थी वह भी बेकार हो गई है।

किसानों का कहना है कि अब वह फसल सही से जम नहीं पाएगी। नगला मौजी के राकेश का भूसा, ईंधन, नगला बरी के साहब सिंह का 12 बीघा बाजरा, मंगल सिंह की पांच बीघा लाहे की फसल, ओमपाल सिंह की आठ बीघा लाहे की फसल, श्रीपाल की 15 बीघा लाहे की फसल, पन्नालाल की 5 बीघा बाजरे की फसल बेकार हो गई। जिन किसानों ने खेतों पर पेड़ लगा रखे थे वह भी सब बेकार हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें