एटा। किसानों को धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराने के लिए मैसेज भेजकर जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके पंजीकरण को किसान आगे नहीं आए हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ सकता है। बिना पंजीकृत किसान अपना धान सरकार क्रय केन्द्रों पर नहीं बेच सकेंगे।
जिले के किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ 95 हजार 619 को मैसेज भेजकर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया गया। मगर अब तक सिर्फ 644 किसानों ने ही अपना पंजीकरण कराया है। किसानों का पंजीकरण अगस्त के बाद किसी भी स्थिति में नहीं होगा। अगर किसान अभी भी नहीं चेते तो उनको अपने धान की बिक्री व्यापारियों की आढ़तों पर ही करनी पड़ सकती है। इस बार सरकार ने सख्त हिदायत संबंधित विभाग को दे रखी है। जिस कारण विभाग नियमों का कड़ाई से पालन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया है कि सरकार के निर्देशों के अनुपालन में ही धान की खरीद की जाएगी। अक्टूबर से क्रय केन्द्र शुरू हो जाएंगे। मगर धान क्रय पंजीकृत किसानों से ही हो सकेगा। इस बार समर्थन मूल्य 200 रूपये बढ़कर 1750 रुपये हो गया है। अभी 10 दिन शेष हैं किसान अपना पंजीकरण करा लें ताकि धान बिक्री में किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।