कासगंज। पिछले काफी दिनों से जिले में बाढ़ का कहर जारी है। इन दिनों बाढ़ मुसीबत बनी हुई है। लोगों को समस्या से निजात नहीं मिल पा रही। सोमवार को जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की और वृद्धि दर्ज की गई। 25 गांव की आबादी के लिए काफी समय से बाढ़ होने के कारण जान माल का खतरा बना हुआ है। लोग बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों का जन जीवन बेपटरी हो गया है। सोमवार ने बारिश पीड़ितों की और मुसीबत बढ़ा दीं।
नरौरा से सोमवार को भी मीडियम फ्लड का डिस्चार्ज लेविल बना हुआ था। जिले में 15 अगस्त से मीडियम फ्लड के हालात लगातार बने हुए हैं। 6 दिन तक लगातार मीडियम फ्लड रहने के कारण आबादी में गंगा का पानी बढ़ रहा है। बाढ़ के शुरूआती प्रकोप में ही धरमपुर का मार्ग कट गया था जो आज तक सही नहीं हो सका है। लगातार आवागमन में दिक्कतें हो रहीं हैं। स्कूली बच्चे भी कटे हुए रास्ते से ही निकलकर स्कूल जाते है। उनकी जान का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीण आबादी के बीच लगातार पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों के लिए भी जान माल का खतरा बना हुआ है। कभी भी कच्चे मकान गिर सकते हैं। हालांकि ग्रामीण लगातार बचाव कर रहे हैं, लेकिन बारिश के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में और मुसीबतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीण बारिश के दौरान आसमान के पानी और बाढ़ के पानी के कारण बेहद परेशान होते हैं। सोमवार को को बारिश के कारण क्षेत्रीय लोगों को काफी दिक्कतें उठानीं पड़ी।
डिस्चार्ज-
नरौरा- 153510 क्यूसेक
बिजनौर- 102606 क्यूसेक
हरिद्वार- 55133 क्यूसेक
कछला गेज- 163.55 मीटर के निशान पर
- गंगा के पानी में सोमवार को 5 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है, लेकिन मंगलवार को जलस्तर में आंशिक कमी आएगी। हरिद्वार और बिजनौर पर पानी कम हुआ जिससे यह उम्मीद बनी है- कमलेश सिंह, अधिशासी अभियंता।