फिरोजाबाद। इंस्पायर अवार्ड में अब अभ्यर्थियों को माडल तैयार नहीं करने होंगे। अब सिर्फ आइडिया देना होगा। ऐसा आइडिया जो बच्चों में विकसित एवं वैज्ञानिक सोच रखे और उसका परिणाम निकले। चयन होने पर शासन छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देगा। अब तक यह धनराशि पांच हजार रुपये थी।
बच्चों में वैज्ञानिक प्रतिभा निखारने के उद्देश्य से इंस्पायर अवार्ड के तहत मॉडल बनवाए जाते थे। जिला स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जातीं थीं। अगर छात्र का मॉडल जिला स्तर पर पास होता था तो उसे पंाच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती थी। मगर शासन के संज्ञान में आया था कि जिस स्कूल में प्रदर्शनी लगाई जाती थी। उन्हीं स्कूलों के बच्चे सर्वाधिक चुने जाते थे। शेष स्कूलों के बच्चों की प्रतिभा निखर कर सामने नहीं आती थी।
अब शासन ने फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब छात्रों को माडल नहीं बनाना होगा। सिर्फ आइडिया कागज पर लिखकर आनलाइन अपलोड करना होगा। ऐसा आइडिया जो इंटरनेट या किसी किताब में पहले से अंकित न हो। खुद छात्र को अपनी सोच के आधार पर आइडिया और उसका परिणाम भी लिखना होगा। अगर परिणाम सही हुआ तो छात्र को 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी। आनलाइन ही मंडल एवं प्रदेश स्तर पर चयन होगा।