दूध प्रकृति का सबसे पौष्टिक आहार है। इसलिए इसे धरती का अमृत भी कहते हैं। इसमें शारीरिक वृद्धि,, शरीर को शक्ति देने वाले सभी तत्व विद्यमान रहते हैं। दूध शक्ति, वृद्धि, कांति, बल बढ़ाने वाला होता है, लेकिन मिलावट खोरों ने इसके वास्तविक तत्वों को समाप्त कर दिया है। बाजार में खुलेआम मिलावटी दूध बिक्री हो रहा है। जिससे लोगों की सेहत बनने के बजाय खराब हो रही है।
जनपद में दूध की कमी नहीं है। करीब 3.5 लाख गाय और भैंसों का पालन होता है। इनमें से लगभग 1.5 लाख पशु दूध देते हैं। प्रतिदिन लगभग 4 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। लगभग डेढ़ से पौने दो लाख लीटर दूध घरों में सप्लाई हो जाता है। जबकि शेष दूध डेयरी संचालक अपने प्रोडेक्ट आदि के निर्माण के लिए खरीद लेते हैं। इनसे पूरे जिले को दूध की आपूर्ति नहीं हो पाती। इसका फायदा उठाकर मिलावटखोर फायदा उठाकर लोगों के स्वार्थ से खिलवाड़ कर रहे हैं। ये लोग केमिकल से तैयार करके दूध भी बाजारों में बेच रहे हैं। वर्ष 2017-18 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध के 52 सैंपल लिए। इनमें से 27 सैंपल फेल हो गए। वर्ष 2018-19 में अब तक दूध के 11 सैंपल लिए जा चुके हैं जिनकी अभी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्व
दूध में 85 प्रतिशत जल होता है और शेष भाग में खनिज व वसा होता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और राइबोफ्लेविन (विटामिन बी-2) युक्त होता है, इनके अलावा इसमें विटामिन ए, डी, के और ई, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडिन, कई खनिज, वसा, ऊर्जा, कई एंजाइम भी होते हैं।
शुद्ध दूध में पाए जाने वाले तत्वों की मात्रा
दूध में न्यूनतम वसा 3.5 प्रतिशत और वसा रहित ठोस 8.5 प्रतिशत होनी चाहिए। दूध का पीएच मान (पोटेंशियल हाइड्रोजन) 6.6 तथा क्वथनांक 100 से 115 सेंटीग्रेट होता है।
शुद्ध दूध के सेवन के फायदे
कासगंज। शुद्व दूध शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह शरीर को शीतलता प्रदान करता है। दूध आयु बढ़ाकर यौवन को अधिक समय तक बनाए रखता है। इसके सेवन से पाचन शक्ति मजबूत होती है। इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, फासफोरस पाया जाता है। जिससे शरीर की हडिडयां, दांत और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। प्रोटीन एंटीबॉडीज के रूप में काम करता है और हमें इन्फेक्शन से बचाता है।
दूध में मिलावट रोकने के लिए विभाग समय समय पर अभियान चलाकर सैंपल भरने की कार्रवाई करता है। दूध में मिलावट सामने आने पर दोषी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करता है। इसमें मिलावट के हिसाब से जुर्माना व सजा का प्रावधान है। वर्ष 2018-18 में मिलावट के 25 मामलों में 2.26 लाख रुपये जुर्माना बसूला जा चुका है, दो मामले न्यायालय में चल रहे हैं। नादिर अली मुख्य खाद्य संरक्षा अधिकारी
शुद्व दूध सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन अपनी पाचन क्षमता के अनुसार दूध का सेवन अवश्य करना चाहिए। दूध के सेवन से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। डा. रंगजी दुबे, मुख्य चिकित्साअधिकारी