दलितों के खेतों को पानी न दिए जाने के मामले को तूल देने की कोशिशें भी नाकाम नजर आ रहीं हैं। गांव के सभी दलित परिवारों में से 9 दलित परिवारों के खेतों को पानी मिल रहा है। केवल दुल्हन के परिवार ने ट्यूबवेल संचालक से पानी नहीं मांगा है। ऐसी स्थिति में उसकी सब्जी का खेत सूखा है।
युवक संजय ने पानी को लेकर मुख्यमंत्री के पोर्टल पर ट्वीट करके पानी की मांग की थी। उससे पूर्व एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पानी की मांग उठाई गई थी। प्रशासन ने इस संबंध में नलकूप विभाग को भी निर्देशित किया। नलकूप विभाग ने कहा कि कोई भी व्यक्ति गांव में नलकूप का कनेक्शन चाहता है तो वह लगवा सकता है। नलकूप लगवाने पर कोई रोक नहीं है। वहीं खेतों के पास से ही निकल रहे माइनर से खेतों की सिंचाई की जा सकती है।
गांव में शुक्रवार को जब ग्रामीणों से पानी के संबंध में पड़ताल की तो जानकारी मिली कि खेतों को पानी मिल रहा है। पहले भी सभी खेतों को पानी मिला। जरूरत होने पर पानी दोबारा भी दिया गया है। गांव के ही दलित ग्रामीण राम प्रसाद ने बताया कि उनके खेतों को पानी लगातार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उनका किसी विवाद से कोई लेना देना नहीं है।
वहीं नलकूप संचालक विपिन चौहान का कहना है कि गांव में पानी देने के लिए कभी किसी ने मना नहीं की है। अन्य सभी परिवार लगातार पानी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी नलकूप संचालक पानी तभी देगा जब उससे मांगा जाएगा। जब किसी ने पानी की मांग ही नहीं की तो कैसे पानी दिया जाए।
पानी की समस्या के लिए यदि कोई नलकूप लगाने के लिए आवेदन करता है तो उसे अनुमति दी जाएगी। पानी के लिए कोई समस्या नहीं है। ग्राम प्रधान को भी पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। माइनर से भी सिंचाई की जा सकती है। आरपी सिंह जिलाधिकारी