एटा। कहने के लिए तो गांव ओडीएफ घोषित हो चुका है। मगर यह बात अलग है कि लोगों के घरों के आगे अभी गड्ढे खोदे पड़े हैं। उन पर इज्जतघर बनना बाकी है। गांव में न बच्चों के पढ़ने को स्कूल और न ही बारात घर। विधायक क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिले में विकास की बात कह रहे हैं। मगर उनके अपने पैतृक गांव में ही सुविधाओं का अभाव है।
जी हां, हम बात कर रहे हैं मारहरा विधान सभा क्षेत्र के विधायक वीरेंद्र लोधी की। अंबरपुर गांव विधायक वीरेंद्र लोधी का पैतृक गांव है, जिसे विधायक ने पिछले ही सप्ताह ओडीएफ घोषित तो करा दिया है। मगर यह बात अलग है कि अभी गांव की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इनके ऊपर इज्जत घर की चारदीवार कब तक बन कर खड़ी हो पाएंगी। यह कहना अभी मुश्किल है। क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान ने उनका रुपया ले लिया है और उसी ने उनके इज्जत घर बनाकर तैयार करने की जिम्मेदारी ले ली है।
मुख्य मार्ग पर भरा रहा पानी
जब गांव को ओडीएफ घोषित किया गया उस दौरान पूरा प्रशासनिक अमला गांव में पहुंचना था। इसलिए गांव के मुख्य मार्ग पर मिट्टी डाल सड़क को गड्ढामुक्त कर दिया। मगर जैसे ही जिम्मेदार गांव से निकले। वैसे ही मार्ग पर पानी भरना शुरू हो गया है।
विधायक तो हैं, मगर सुविधाएं नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विधायक तो बन गए। मगर अभी तक गांव में न तो कोई स्कूल की व्यवस्था है और नहीं कोई बारातघर है। अस्पताल और बैंक जैसी सुविधा तो बहुत दूर की बात है।
गांव में किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। बारातघर, अस्पताल, बैंक, स्कूल सभी के लिए लोगों को दूसरे गांव में जाना पड़ता है।
श्रीपाल सिंह,
प्रशासन से जो चेक मिला था। उसके रुपये ग्राम प्रधान ने ले लिए और थोड़ा सा सामान दे दिया है। अभी ईंट बाद में देने की बात कहीं है।
वीरेंद्र सिंह
विधायक हो या फिर सांसद, गांव के लिए कोई विकास कार्य नहीं कराया गया है। गांव में स्कूल तक की कोई व्यवस्था नहीं है।
लोकेंद्र सिंह
चेक के रुपये ग्राम प्रधान ने ले लिए है। उसने ही शौचालय बनवाने की बात कही है। अभी हमारा शौचालय बनकर तैयार नहीं हुआ है।
मोहर सिंह
गांव में ज्यादातर शौचालय बन गए है। एक दो शौचालय बनना बाकी रह गए है। गांव में बारातघर और स्कूल के लिए लगातार विधायक के संपर्क में हूं। जल्द ही गांव में यह सुविधा भी मुहैया कराई जाएंगी।
ठाकुर दास, ग्राम प्रधान-अंबरपुर
मैं अपनी पूरी विधानसभा को ही अपना गांव मानता हूं। अकेला गांव के लिए नहीं बल्कि मैंने पूरे विधान सभा क्षेत्र के लिए विकास की योजना तैयार की है। विधान सभा क्षेत्र में सात सौ सोलर लाइट लगवा चुका हूं। आठ सौ जिला प्रशासन की ओर से लगवाई जा रही है। इसके अलावा पूरी निधि क्षेत्र में संपर्क मार्ग, बारात घर और यात्री प्रतिक्षालय पर खर्च की है। रही बात गांव की तो पिछले तीन साल से शिक्षा समिति की बैठक नहीं हुई है। इस साल बैठक होने के साथ ही गांव में प्राथमिक के साथ राजकीय विद्यालय का प्रस्ताव तैयार किया है। गांव का पानी नदी तक पहुंचाने के लिए अपनी निधि से 80 लाख रुपए में नाला तैयार करा रहा हूं।
वीरेंद्र सिंह लोधी, विधायक मारहरा