मथुरा। जवाहरबाग को संवारने का प्रोजेक्ट शासन ने निर्माण निगम से छीन लिया है। 15.93 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के निर्माण की जिम्मेदारी अब जल निगम की सीएनडीएस शाखा को दे दी गई है। तीन चेतावनी के बाद भी निर्माण निगम के कार्य में सुधार न होने पर ब्रज तीर्थ विकास परिषद की रिपोर्ट पर शासन ने निर्माण एजेंसी बदल दी है।
जवाहर बाग में दो जून 2016 की हिंसक घटना ने मथुरा को देश भर की सुर्खियां बना दिया था। इस हिंसक वारदात के दौरान दो पुलिस अफसरों सहित 29 लोगों की जान गई थी। इस मामले की जांच न्यायिक आयोग के बाद अब वर्तमान में सीबीआई कर रही है। 106 एकड़ में फैले जवाहर बाग को राज्य सरकार ने पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने का फैसला किया। 15.93 करोड़ की कार्य योजना को अमल में लाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने निर्माण निगम को दी।
यहां इस कार्य की निगरानी कर रही ब्रज तीर्थ विकास परिषद शुरू से ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं है। निर्माण शुरू होने और इसके बाद दो बार और निरीक्षण करते हुए परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने निर्माण निगम के अफसर और ठेकेदार की जमकर क्लास लगाई। स्थिति में सुधार न होने पर पिछले सप्ताह किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट उपाध्यक्ष ने शासन को भेज दी है। इस पर शासन ने निर्माण निगम से काम छीनते हुए जल निगम की सीएनडीएस शाखा को सौंप दिए हैं। नोडल अधिकारी सुरेश कुमार जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि शासन ने जवाहर बाग को संवारने के लिए निर्माण एजेंसी बदल दी है। अब निर्माण निगम के बजाए जल निगम को दायित्व सौंपा है।
सीएनडीएस के काम भी रहे विवादित
शहर में जेनर्म के तहत सीवर लाइन डालने का काम करने वाली इकाई जल निगम सीएनडीएस भी खराब गुणवत्ता को लेकर सुर्खियों में रही है, लेकिन अफसरों की अखिलेश सरकार में गहरी पैठ के चलते खराब गुणवत्ता का मामला फाइलों में दब कर दम तोड़ गया। लेकिन अब योगी सरकार में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की कड़ी निगरानी निर्माण एजेंसी के अफसरों के लिए साफ संदेश देने वाली है।