गोवर्धन (मथुरा)। राजस्थान सरकार की ब्रज विकास की योजना में गिरिराज जी की तलहटी पूंछरी में कराए जा रहे कार्यों पर एनजीटी न्यायालय के आदेश से रोक के बाद शुक्रवार को जिला कलेक्टर एनके गुप्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ परिक्रमा मार्ग व आसपास के स्थलों का निरीक्षण किया। मामले में भरतपुर प्रशासन को एनजीटी न्यायालय में 24 अप्रैल को जवाब देना है। अब भरतपुर प्रशासन एनजीटी न्यायालय के आदेश के सापेक्ष अनुपालन में काम कर रहा है।
गौरतलब है कि पूंछरी में ब्रज विकास योजना में गिरिराज जी की तलहटी में जनसुविधा केन्द्र, स्वागत द्वार व परिक्रमा मार्ग को आधुनिक स्वरूप देने का काम किया जा रहा था। राजस्थान सीमा के करीब डेढ़ किमी क्षेत्र में गिरिराज जी की तलहटी में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा स्वागत द्वार बनाने के लिए गिरिराज जी पर जेसीबी चलाये जाने को लेकर एनजीटी न्यायालय ने भरतपुर प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही एनजीटी न्यायालय ने आस्था के साथ खिलवाड़ किए जाने पर भरतपुर कलेक्टर से जवाब मांगा। भरतपुर के प्रशासनिक अधिकारियों को दो दिन एनजीटी न्यायालय में जाना पड़ा। न्यायालय ने अपनी दिशा-निर्देश तय करते हुए अगला जवाब 24 अप्रैल को देने को कहा है।
एनजीटी के अनुपालन में शुक्रवार को भरतपुर के कलेक्टर एनके गुप्ता ने परिक्रमा मार्ग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने परिक्रमा मार्ग के कच्चे रास्ते, सार्वजनिक जनसुविधा केन्द्र, प्रतिबंधित निर्माण क्षेत्र के निर्माण कार्य, अवैध निर्माणों को भी देखा। निरीक्षण के दौरान भरतपुर डीएम एनके गुप्ता, एसपी अनिल कुमार, एसडीएम डीग दुलीचंद मीणा, परियोजना अधिकारी ब्रज विकास राजस्थान सीमा आशाराम सैनी आदि उपस्थित थे।
गिरिराज जी के किनारे बना सरकारी शौचालय
एनजीटी न्यायालय के आदेश के बाद ब्रज विकास की योजना में भरतपुर प्रशासन की ओर से गिरिराज जी के किनारे सुलभ शौचालय का निर्माण कर लिया गया है। अगर लोगों के प्रतिबंधित क्षेत्र में किये निर्माणों को तोड़ा गया तो प्रशासन को सुलभ शौचालय को भी हटाना होगा। इस निर्माण के शुरू होने पर 2015 में लोगों ने नींव रखते ही विरोध किया था। उस समय धार्मिक भावनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया।