जिले में बच्चों के साथ अपराध के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। बच्चे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अपराधी तत्व उन्हें आसानी से अपना निशाना बना लेते हैं। उनके साथ हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, कुकर्म जैसी वारदातें हो रही हैं। पुलिस प्रशासन ऐसी वारदातें रोकने में पूरी तरह से विफल साबित हुई है।
वर्ष 2017 जनपद के बच्चों के लिए काफी खराब रहा है। नौ माह में 15 बच्चे आपराधिक वारदातों का शिकार हुए हैं। इन महीनों में नौ बालक- बालिकाओं का अपहरण हो चुका है। इनमें से छह की हत्या हो चुकी है। जबकि पांच बालिकाओं के साथ दुष्कर्म व एक बालक के साथ कुकर्म की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार होने वाली वारदातों के बाद भी पुलिस का रवैया शिथिलता भरा है। पुलिस की समय से सक्रियता न हो पाने से अपहरण होने वाले बच्चों का पता नहीं लग पाता। अधिक समय हो जाने पर अपराधी तत्व उनकी हत्या कर देते हैं।
इस साल बच्चों के साथ होने वाले अपराध
एक जनवरी- सोरों के नगला बहोरा से दुधमुंहे को चारपाई से उठाकर ले गए बदमाश।
12 जनवरी- दरियावगंज से 5 वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या कर दी। उसका शव फर्रुखाबाद के कायमगंज से बरामद हुआ।
23 अप्रैल- एक बालिका के साथ दुष्कर्म किया गया।
25 मई- सहावर के तारापुर में बालक को अगवा करके हत्या कर दी। शव खेत में गाड़ दिया।
8 जून- ढोलना व अमांपुर में एक-एक बालिका के साथ दुष्कर्म हुआ।
16 जून- सोरों में बालक को अगवा करने के बाद हत्या कर दी।
27 जून- सिढ़पुरा में बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई।
14 जुलाई- पटियाली में बालक को अगवा करके कुकर्म किया गया।
31 जुलाई- सिढ़पुरा के भुजपुरा में मासूम भाई बहन की हत्या कर दी गई।
1 अगस्त- गंजडुंडवारा में अज्ञात मासूम का शव नहर से बरामद हुआ।
12 अगस्त सिढ़पुरा में बालिका से दुष्कर्म।
22 अगस्त- ढोलना में सौतेली मां ने मासूम की जहर देकर हत्या कर दी।
14 सितंबर- दरियावगंज में बालक की अगवा करके हत्या।
27 सिंतबर सहावर में स्कूल जाते छात्र का अपहरण