मथुरा। जवाहर बाग के आरोपियों द्वारा तहसील कर्मियों से मारपीट प्रकरण में एक अप्रैल को बहस होगी। सोमवार को मथुरा सहित प्रदेश की विभिन्न जेलों से जवाहर बाग के 60 आरोपी कोर्ट में पेश हुए।
चार अप्रैल 2016 को जवाहर बाग के कब्जाधारियों ने तहसील में घुसकर मारपीट की थी। उनके द्वारा वहां पर अधिवक्ता तथा अन्य तहसीलकर्मियों से भी मारपीट की थी। इस मामले की सुनवाई एडिशनल सिविल जज सीनियर डिवीजन-2 की अदालत में चल रही है।
सोमवार को इस केस में शामिल दस लोग अदालत में पेश हुए, जबकि अन्य मामलों मेें कुल मिलाकर जवाहर बाग के 60 आरोपी कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में जवाहर बाग के आरोपियों से संबंधित कुल 18 मुकदमों में सुनवाई चल रही है। तहसील मारपीट प्रकरण में अब एक अप्रैल को सुनवाई थी। अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि एक अप्रैल का सुनवाई के बाद केस मेें निर्णायक स्थिति आएगी।
रामवृक्ष यादव का फाइनेंसर कोर्ट ने किया रिहा
मथुरा। जवाहर बाग कांड में रामवृक्ष यादव के फाइनेंसर रहे राकेश बाबू गुप्ता को कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया है। उसको हत्या में हाईकोर्ट तथा आलू खोदाई प्रकरण में अपीलीय कोर्ट ने जमानत दी है।
जवाहर बाग कांड को अंजाम देने वाले रामवृक्ष यादव के करीबी राकेश बाबू गुप्ता को हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने जमानत दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर एडीजे षष्टम कोर्ट ने उसे रिहा करने के आदेश किए हैं। वहीं आलू खोदाई प्रकरण में राकेश बाबू गुप्ता को सजा मिल गई थी। अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि सजा के खिलाफ उन्होंने जिला जज की अदालत में अपील की थी। जिसकी सुनवाई एडीजे चतुर्थ कोर्ट में चल रही थी। इस कोर्ट ने भी राकेश बाबू को जमानत दे दी है। कोर्ट ने राकेश बाबू गुप्ता को रिहा करने का आदेश दिया है।