मैनपुरी। जिले में एंटी रेबीज की किल्लत दूर नहीं हो पा रही है। सीएचसी और पीएचसी पर मरीजों को लौटाया जा रहा है। जिसके कारण जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में पीड़ित पहुंच रहे हैं। जिससे यहां से भी लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है। एक तरफ अधिकारी जहां हर केंद्र पर एंटी रेबजी वैक्सीन होने की बात कह रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल पहुंच रहे मरीजों का आरोप है कि उन्हें केंद्रों से लौटाया जा रहा है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 200 मरीजों को एंटी रेबीज का लाभ दिया जा रहा है। जिससे यहां का स्टॉक कभी भी समाप्त हो सकता है। एक बजे के बाद यहां आने वाले मरीजों को भी लौटा दिया जाता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सीएचसी और पीएचसी पर मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है जिसके चलते जिला अस्पताल के सामने भी दिक्कत है। बड़ी संख्या में मरीज जिला अस्पताल और सीएचसी पीएचसी का चक्कर काट रहे हैं।
एक तरफ जहां अधिकारियों का कहना है कि जिले में एंटी रेबीज उपलब्ध है वहीं मरीजों को नहीं मिल रही है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले पीड़ितों को क्षेत्रीय सीएचसी और पीएचसी पर लौटाया जा रहा है। गांव भांवत निवासी दुर्बीन सिंह का कहना था कि वह पिछले तीन दिनों से सीएचसी भांवत पर जा रहे हैं लेकिन उसे कहकर टहला दिया जाता है। यहां रेबीज वैक्सीन नहीं मिल रहा है। जिसके चलते वह जिला अस्पताल आया है। यहां से कहा जा रहा है कि कल आना।
सुल्तानगंज विकास खंड के बिछवां निवासी मुरारीलाल का कहना था कि पीएचसी सुल्तानगंज पर वह गया था यहां बताया गया कि इंजेक्शन हैं ही नहीं। जिससे वह अब जिला अस्पताल में आया है। यहां टीका तो लग गया लेकिन अगला टीका सुल्तानगंज में ही लगवाने की बात कही गई है। जब वहां रेबीज वैक्सीन है नहीं तो आगे वाली कैसे लगेगी।
पड़रिया चौराहा निवासी रमेश चंद्र का कहना था कि वह पीएचसी औंछा पर गया था। वहां रेबीज वैक्सीन न होने की बात कहते हुए लौटा दिया गया है। अब वह जिला अस्पताल में रेबीज टीका के लिए चक्कर काट रहा है।
चिकनी निवासी पिंटू का कहना था कि वह न्यू पीएचसी भटानी पर गया था, लेकिन यहां रेवीज वैक्सीन न होने की बात कही गई। जिसके चलते उसे जिला अस्पताल आना पड़ा है। यहां बताया जा रहा है कि कल आना।