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बोर्ड परीक्षा और चुनावी तैयारियां बनीं फर्जी शिक्षकों के लिए ‘संजीवनी’

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मैनपुरी। एसआईटी जांच में फंसे जिले के 81 शिक्षकों के लिए बोर्ड परीक्षा और चुनाव की तैयारियां संजीवनी साबित हो रही हैं। सारी तैयारियां पूरी होने के बाद भी अभी उनकी बर्खास्तगी में समय लग रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग की जांच पूरी होने के बाद अब गेंद जिला प्रशासन के पाले में पहुंच गई है। डीएम द्वारा निर्धारित की गई जांच समिति को बर्खास्तगी पर निर्णय लेना है।
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सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने एसआईटी जांच में फंसे शिक्षकों पर 31 जनवरी तक कार्रवाई कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश बीएसए को दिए थे। बोर्ड परीक्षा की तैयारियों और चुनाव को लेकर चल रहीं बैठकों में जांच टीम के व्यस्त होने के कारण इन शिक्षकों की इस महीने 31 जनवरी तक बर्खास्तगी नहीं हो पाएगी। बीएसए कार्यालय में चल रही कार्रवाई के अनुसार अब फरवरी के प्रथम सप्ताह में ही इन फर्जी शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई संभव है।

बीएसए ने फर्जी शिक्षकों की सूची तैयार जांच के बाद बर्खास्तगी की तैयारियां पूरी कर ली है। अब जिलाधिकारी प्रदीप कुमार द्वारा गठित जांच समिति जिसमें एडीएम, सीओ और बीएसए शामिल हैं को अंतिम निर्णय लेना है। बीएसए कार्यालय के सूत्रों की मानें तो अभी एक सप्ताह से अधिक का समय लग सकता है।
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यह है मामला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के नाम की 2008 से 2010 तक बीएड की कई फर्जी मार्कशीट जारी हुई थीं। इस बात का खुलासा एसआईटी (विशेष जांच दल) ने वर्ष 2017 में किया था। इन मार्कशीट को पाकर बड़ी संख्या में युवक तथा युवतियों ने शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाई थी। वर्ष 2017 में ही एसआईटी ने जिला प्रशिक्षण संस्थान भोगांव पहुंचकर वर्ष 2008 के बाद से बीएड कर शिक्षक बनने वालों के अभिलेखों की जांच की थी।

जांच के बाद एसआईटी ने वर्ष 2018 में जिले में कार्यरत 81 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी घोषित करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन शिक्षकों को बीएसए कार्यालय द्वारा दो बर्खास्तगी नोटिस जारी किए गए। अब एसआईटी की जांच पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने इनकी सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।

शासन के निर्देश के अनुसार फर्जी शिक्षकों की सूची तैयार कर ली गई है। बोर्ड परीक्षा, मतदान तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्तता के चलते जिला समिति बर्खास्तगी का अंतिम कदम नहीं उठा सकी है। उम्मीद है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में सभी फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी कर दी जाएगी।
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विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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