एटा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में डीजल चोरी के खेल में सात चालकों और परिचालकों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की गई है। कासगंज डिपो के एआरएम ने चालक परिचालकों के वेतन से दो-दो हजार रुपये और एक नियमित परिचालक के खिलाफ चार्जशीट दी है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद निगम के अफसरों ने चालक-परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है।
कासगंज डिपो की बस (यूपी 81बीटी 5704) की 12 से 18 जून तक की बीटीएस रिपोर्ट, डीजल विवरण, टिकट डिटेल और बैगवार डिटेल के माध्यम से डीजल चोरी के खेल का खुलासा हुआ था। इसमें पाया गया था कि कासगंज डिपो की दिल्ली से सिकंदराराऊ-कासगंज होते हुए धुमरी तक जाने वाली बस 12 जून को दिल्ली से अतरौली होते हुए कासगंज पहुंची। वहीं धुमरी से करीब 10 किमी पहले लौट आई। करीब 520 किमी बस संचालन के लिए 102 लीटर डीजल डाला गया। इसके बाद 14-15 जून को बस सिढ़पुरा और धुमरी के बीच से लौट आई। इसके लिए बस 110 लीटर डीजल डाला गया औरबस महज 504 किमी चली। वहीं अन्य दिनों में बस में औसतन 100-102 लीटर के बीच डीजल डाला जाता है। इस पर शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। मामले में सुनवाई को लेकर कोर्ट से निगम अफसरों को तलब किया गया तो अफसरों ने आनन-फानन में सात चालक परिचालकों को नोटिस थमाए। चालक-परिचालकों के जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर एआरएम ने कार्रवाई की है। एआरएम ने सभी चालक-परिचालकों के वेतन से दो-दो हजार रुपये वसूल किए हैं। वहीं नियमित परिचालक उमेश कुमार के खिलाफ चार्जशीट दी गई है। इसके अलावा मामले में एक लिपिक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। लिपिक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है।
एसटीएफ से की गई थी शिकायत
आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने डीजल चोरी प्रकरण की शिकायत एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी से भी की गई थी। इस पर पर एसपी ने साक्ष्य मांगे थे। आरटीआई कार्यकर्ता ने एसटीएफ को एटा और कासगंज डिपो में हुए कई घोटालों की साक्ष्य समेत शिकायत भेजी थी।
इनसे हुई वसूली
मामले में चालक चरन सिंह, मुनेंद्र कुमार, अजय, राजेश कुमार, परिचालक प्रवेश, अश्वनी से वसूली की गई है।
स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर चालक-परिचालकों के वेतन से वसूली की गई है। किलोमीटर में अंतर मिलने पर कार्रवाई हुई है। एक नियमित परिचालक के खिलाफ चार्जशीट दी है।
एके सिंह, एआरएम कासगंज डिपो
-
एआरएम एटा करा रहे वसूली
अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष कौशल बघेल ने एआरएम एटा मदनलाल की शिकायत परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से की है। उन्होंने कहा कि एआरएम एटा परिचालकों को धमकाते हैं। साथ ही वसूली की जा रही है। परिचालकों से नई बसों के नाम पर पांच हजार, एटीएम मशीन जमा करने पर 15 हजार रुपये महीने, बैगवार करने पर 10 हजार रुपये महीने लिए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।