आपदा से पीड़ित किसानों को प्रशासन के मरहम का इंतजार
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कासगंज। तीन दिन पहले ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बाद कर दिया। किसानों की धान बाजरा की फसल पूरी तरह तबाह हो चुकी है। ऐसे में किसानों को निगाहें प्रशासन पर लगी है। प्रशासन ने भी किसानों की बर्बादी को देखते हुए राजस्व टीमों को ग्रामीण क्षेत्रों में दौड़ा दिया है।
तेज आंधी के साथ गुरुवार को बरसात हुई। इस दौरान पटियाली क्षेत्र में जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से किसानों की फसल खेतों में बिछ गई और किसानों को काफी नुकसान हो गया। दो दर्जन से अधिक गांवों में काफी तबाही हुई। प्रकृति से मिले जख्मों से किसान कराह रहा है और उसे प्रशासन के मरहम का इंतजार है। किसानों के दुख को प्रशासन भी समझ रहा है। ऐसे में राजस्व टीमों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा गया है। टीमों ने प्रथम दृष्टया कई किसानों की 90 प्रतिशत तक फसल बर्बाद होने का अनुमान लगाया है। अब राजस्व निरीक्षक निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट बनाने में जुट गए हैं, जिससे मुआवजे के दायरे में आने वाले किसानों को आर्थिक मदद दी जा सके।
डीएम ने मांगी रिपोर्ट
कासगंज। राजस्व कर्मियों को तीन दिन में निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी हैं, लेकिन डीएम ने तहसील प्रशासन से मौखिक जानकारी प्राप्त कर ली है। इससे बर्बादी का अनुमानित आंकलन तैयार करके शासन को अवगत कराया जा सकेगा।
किसान तहसील में दे रहे दस्तक
कासगंज। राजस्व टीमों ने फसलों का आंकलन करने के बाद ग्रामीणों से अपनी बैंक का विवरण देने को कहा है। ऐसे में किसान अपने बैंकों का विवरण लेकर तहसील पहुंचने लगे हैं। शनिवार को दिन भर तमाम किसान तहसील कार्यालय के चक्कर काटते नजर आए।
- ओलावृष्टि से फसलों में 70 से 90 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान है। राजस्व कर्मियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर मांगी गई है। प्रक्रिया पूरी के बाद मुआवजे के दायरे में आने वाले किसानों की आर्थिक मदद की जाएगी।
तिमराज सिंह, तहसीलदार, पटियाली