वृंदावन (मथुरा)। बुधवार को वृंदावन में हुए विप्र महाकुंभ में ब्राह्मणों का गुस्सा केंद्र सरकार पर फूटा। एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण पर सवर्ण समाज को संगठित कर केंद्र को घेरने की चेतावनी दे डाली। सभी ने एक सुर में कहा कि कि हमने जिस सरकार को चुनकर भेजा उसी ने सवर्णों के खिलाफ कानून बनाकर धोखा दिया।
वृंदावन-छटीकरा मार्ग पर शांति सेवा धाम में आयोजित विप्र महाकुंभ को संबोधित करते हुए भगवताचार्य देवकीनंदन ठाकुरजी ने कहा कि संसद में भाजपा आज तक राम मंदिर निर्माण कश्मीर में धारा 370 ए धारा 35 ए को हटाने के लिए कानून बनाने से पीछे हट रही है वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बदलकर सवर्णों के अधिकारों और स्वाभिमान को कुचलने का प्रयास कर रही है।
सरकार को चारों वर्गों को समान रूप से सुरक्षा देकर जोड़ने का कार्य करना चाहिए। अपील करते हुए कहा कि विप्र समाज भाईचारा निभाते हुए दलितों के बेटे बेटियों के विवाह में अवश्य जाएं। पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि हम कभी जातिवादी नहीं रहे।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने कहा कि हम किसी का हक लेना नहीं चाहते लेकिन हमें इतना कमजोर भी मत समझो कि हमारा हक छीन लोगे।
जगदीश प्रसाद सुपानिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जब एससी-एसटी एक्ट को लेकर अपना निर्णय दे दिया था तो आखिर क्या जरूरत आन पड़ी कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय बदलना पड़ा। 78 करोड़ सवर्णों को दबाने-कुचलने वाला यह कानून सहन नहीं करेंगे।
यहां श्यामसुंदर गौतम, उमेश पंडित, आचार्य बद्रीश, नागेंद्र गौड़, राम गोपाल शर्मा, नवीन नागर, राजा बाबा, रमाकांत गोस्वामी, अमित भारद्वाज, प्रशांत शर्मा, आशीष मिश्रा, वैभव गौतम, सुधीर शुक्ला, अतुल कृष्ण गोस्वामी, उदयन शर्मा, गोपेश गोस्वामी, ज्ञानेंद्र गोस्वामी, उमेश चंद्र शर्मा, रमन बिहारी गौतम, विजय शर्मा, श्रीकांत बोहरे और पूर्व चेयरमैन नगर पालिका श्याम सुंदर उपाध्याय उपस्थित रहे।