किशनी(मैनपुरी)। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते त्रिलोकपुर गांव में जलभराव हो गया है। इससे गांव टापू बन गया है। लोगों को आसपास के गांवों से संपर्क टूट गया है। वहीं, महिलाएं अपने छोटे बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उनके पैर चारपाई में बांध कर काम कर रहे हैं। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, प्रशासनिक मदद न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
ग्रामसभा मुड़ौसी के गांव त्रिलोकपुर में चारों ओर बारिश का पानी भरा हुआ है। हालत यह है कि पानी घरों की चौखट तक पहुंच गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सैकड़ों बीघा में खड़ी धान की सफल जलमग्न होकर बर्बाद हो चुकी है। घरों के आसपास हुए जलभराव से ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चितिंत हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर और बारिश हुई तो पानी घरों में घुस जाएगा। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ेगा। जलभराव से जूझ रहे लोगों को अभी तक प्रशासनिक मदद नहीं मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है। मंगलवार को प्रशासनिक उपेक्षा से गुस्साए ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में राजेश पाल, अनिल कुमार, बिजनेश, चरण सिंह, अंकित, मीना कुमारी, आरती, शिल्पी, गुड्डी, पूजा, नीलम, मिथलेश, राकेश, रजनीश, प्रवीण, सौरभ आदि शामिल हैं।
-बच्चों को चारपाई से बांधकर काम कर रही हैं महिलाएं
गांव के चारों ओर बारिश का पानी भरा हुआ है। इससे ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चितिंत हैं। महिलाएं बच्चों को चारपाई से बांधकर घर के कामकाज करने को मजबूर हैं। गांव निवासी रावेश पुत्र रामकिशोर के घर के चारों ओर घुटनों तक पानी भरा है। डेढ़ साल के आर्यन तथा दो साल के करन को उनकी माताओं ने चारपाई से बांध दिया। पूछने पर बताया कि जब वह खाना बनाने में व्यस्त हो जाती है तो बच्चे कहीं पानी में न डूब जाएं, इसलिए उन्हें बांधा गया है।
कुम्हौल गांव में कम नहीं हुई परेशानी
अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से किशनी क्षेत्र के गांव कुम्हौल में भी जलभराव है। पानी घरों की चौखट पर भरा हुआ है। गांव जाने वाली सड़क भी जलमग्न है। जलभराव को लेकर ग्रामीण परेशान हैं। हालांकि मंगलवार को जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।