कासगंज। जनपद में बच्चों के साथ होने वाले अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। बच्चों के साथ होने वाले अपराध के मामलों में पटियाली सर्किल सबसे अधिक संवेदनशील है। पुलिस बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को रोकने में नाकाम हो रही है, जिससे अपराधी तत्व आसानी से बच्चों को अपना शिकार बना लेते हैं। उनके साथ दुष्कर्म, कुकर्म, अपहरण, हत्या आदि की घटनाएं आम बात हो चली हैं। कई बार तो बच्चे अपनों के हाथों ही आपराधिक वारदातों का शिकार हो चुके हैं।
जनपद में अपराधों पर अंकुश लगाने को पुलिस व्यवस्था को तीन सर्किलों में बांटा गया है। इन सर्किलों में 10 थाने आते हैं। इनमें से पटियाली, सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा एवं सिकंदरपुर वैश्य थाना पटियाली सर्किल के हिस्से हैं। ये चारों थाना क्षेत्र ही बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के मामले में सबसे अधिक संवेदनशील है। यह क्षेत्र कटरी का इलाका है। जिससे अपराधी तत्वों को अपने मनसूबे पूरे करने में काफी मदद मिल जाती है। जनपद में यदि बच्चों के साथ होने वाली वारदातों पर नजर डाली जाए तो वर्ष 2017 में 24 बच्चे दुष्कर्म, कुकर्म, अपहरण, हत्या, बलि की घटनाओं का शिकार हुए। इनमें से 12 बच्चे पटियाली सर्किल क्षेत्र में अपराधिक वारदातों का शिकार हुए। वर्ष 2018 में अब तक बच्चों के साथ अपराध के 10 मामले हुए हैं जिनमें से 5 मामले पटियाली सर्किल क्षेत्र से जुड़े हैं। गंजडुंडवारा में तो एक साथ दो चचेरे भाईयों की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
वर्ष 2018 में बच्चों के साथ होने वाले अपराध
10 जनवरी अमापुर में चचेरे भाई ने अपनी नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म
15 फरवरी सिढ़पुरा के ताजपुर से बालक को अगवा कर बलि दी गई
7 मार्च शिक्षक ने स्कूल में छात्रा को दबोचा, दूसरे स्कूल में शिक्षक ने बालक के साथ की हरकत
19 मार्च- ढोलना के हरसेना में पिता ने अपनी पुत्री को जिंदा जला दिया
2 अप्रेल सहावर में बालिका को अगवा कर दुष्कर्म
8 अप्रेल गंजडुंडवारा के बहोरनपुर से दो चचेरे भाईयों की अगवा कर हत्या
16 मई सिढ़पुरा में बालिका के साथ दुष्कर्म
16 जून अमापुर में बालिका को खेत में खींचकर दुष्कर्म
28 जुलाई को सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र से बालिका को खेत से अगवा कर लिया तीन दिन बाद उसका क्षत विक्षत शव मिला
1 अगस्त सिढ़पुरा में घर से रात के समय बालिका की अगवा करके हत्या कर दी।